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डायरेक्‍टर्स के पासपोर्ट डिटेल एकत्र करने की योजना, फ्रॉड के बाद विदेश भागने से रोकने का प्‍लान

कार्पोरेट अफेयर्स मिनिस्‍ट्री कंपनियों के डायरेक्‍टर्स के पासपोर्ट डिटेल एकत्र की योजना पर काम कर रहा है।

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नई दिल्‍ली. कार्पोरेट अफेयर्स मिनिस्‍ट्री कंपनियों के डायरेक्‍टर्स के पासपोर्ट डिटेल एकत्र की योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार किसी भी तरह के फ्रॉड के बाद ऐसे में इनके विदेश भागने पर रोक लगाई जा सकेगी। 

बैंक फ्रॉड या पैसों की गड़बड़ी के बाद नहीं भाग सकेंगे 

बैंक लोन या पैसों की अन्‍य तरह की गड़बडियों के बाद ऐसा होने से विदेश भागने पर रोक लग सकेगी। मिनिस्‍ट्री जो कंपनीज एक्‍ट लागू करने वाला विभाग है उसने हाल ही में 2.26 लाख संदिग्‍ध शेल कंपनियों को डिरजिस्‍टडर्ड कर दिया है। इन पर आरोप था कि यह कंपनियां फंड का अवैध तरीके से लेनदेन कर रही थीं। विभाग के सचिव इनजेति श्रीनिवास ने कहा है कि मंत्रालय उस प्रस्‍ताव पर विचार कर रहा है जिसमें कंपनियों के निदेशकों के पासपोर्ट के डिटेल एकत्र करने का कहा गया है। 

 

तेज एक्‍शन लेने में मदद मिलेगी

मिनिस्‍ट्री के मार्च न्‍यूज लेटर में उन्‍होंने कहा है कि पासपोर्ट का डिटेल एकत्र करने से अधिकारियों को किसी भी तरह के फ्रॉड के बाद तेज एक्‍शन लेने में मदद मिलेगी। इससे ऐसे अपराधियों को विदेश भागने से रोकने में भी मदद मिलेगी। हालांकि इस बारे में जब अधिकारी से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्‍होंने ईमेल का जबाव नहीं दिया। 

 

3 लाख डायरेक्‍टर्सशिप को अमान्‍य किया

मिनिस्‍ट्री ने पिछले साल 3 लाख से ज्‍यादा डायरेक्‍टर्सशिप के रजिस्‍ट्रेशन को रद्द कर दिया था। इन लोगों पर रेग्‍युलेटरी मानकों का पालन नहीं किया था। मिनिस्‍ट्री की बेवसाइट पर जारी न्‍यूज लेटर के अनुसार इसमें कहा गया है कई बार ऐसा हो चुका है कि लोग फ्रॉड के बाद भारतीय न्‍यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने में सफल रहे। 

 

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश लागू

सरकार ने पिछले महीने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश लागू किया है। इसके तहत जांच एजेंसियों को अधिकार मिला है कि वह विदेश भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्‍त कर सकें। इसके लिए विशेष अदालताें को यह अध्‍ािकारी दिया गया है कि वह भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर सकें। 

 

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