Home » Economy » PolicyCAPA India says Air India might shut-down if divestment process fails

डिसइन्वेस्टमेंट का प्रोसेस हुआ फेल तो बंद हो सकती है एअर इंडियाः CAPA इंडिया

ईओआई डॉक्यूमेंट के सख्त नियम और शर्तों के चलते एअर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया फेल हुई, तो उसे बंद करना पड़ सकता है।

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नई दिल्ली. अगर ‘एक्सप्रेस ऑफ इंटरेस्ट’ (ईओआई) डॉक्यूमेंट के सख्त नियम और शर्तों के चलते  एअर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया फेल हुई तो सरकारी एयरलाइन बंद हो सकती है। एविएशन कंसल्टिंग फर्म कापा ने इंडिया ऐसी राय देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के लिए डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए लेबर और कर्ज की शर्तों में संशोधन करना जरूरी हो गया है। 

 

 

कंसल्टिंग फर्म ने उठाए तीन मुद्दे
कंसल्टिंग फर्म ने शुक्रवार को जारी अपने ट्वीट में कहा, ‘एयर इंडिया की डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया में तीन मुद्दे सामने आ रहे हैं। पहला विशेष रूप से ईओआई की लेबर और कर्ज की शर्तों में बदलाव किया जाए, क्योंकि सफल बिडर को रिस्ट्रक्चरिंग और बीते कई साल के घाटे की भरपाई के लिए भारी निवेश करना होगा। साथ ही 76 फीसदी हिस्सेदारी के लिए भुगतान करना होगा।’

 

 

अगले 2 साल में 2 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान
कापा इंडिया ने कहा, ‘दूसरा यह है कि बिडर को संभावित राजनीतिक खींचतान से सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए। यह भी आरएफपी स्टेज में कुछ पार्टीज द्वारा भागीदारी नहीं दिखाने की वजह हो सकती है। तसरा यह है कि एयरलाइन को वित्त वर्ष 19 और 20 में 1.5 से 2 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है।’

 


बिड्स जमा करने की तारीख बढ़ा चुकी है सरकार
इससे पहले सरकार ने एअर इंडिया के डिसइन्वेस्टमेंट प्रोसेस के अंतर्गत ईओआई बिड्स जमा करने के लिए डेडलाइन बढ़ाकर 31 मई, 2018 कर दी है। मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने 1 मई को जारी शुद्धि पत्र के द्वारा ईओआई बिड जमा करने की लास्ट डेट 14 मई से बढ़ाकर 31 मई कर दी थी।
इस क्रम में क्वालिफाइड इंटरेस्टेड बिडर्स (क्यूआईबी) को सूचना देने की तारीख भई 28 मई से बढ़ाकर 15 जून कर दी है। 
इसके अलावा मिनिस्ट्री ने इच्छुक बिडर्स द्वारा डिसइन्वेस्टमेंट प्रॉसेस द्वारा क्लैरिफिकेशन जारी किए जाने पर अलग डॉक्युमेंट जारी किया है।

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