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ये हैं दुनिया के सबसे महंगे मैटीरियल, इनके सामने सोना-चांदी भी नहीं टिकते

इन मैटीरियल की कीमतें सुनकर हो जाएंगे हैरान

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नई दिल्ली। आपको जानकर यह हैरानी होगी की सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में शामिल नहीं है। विश्व में कुछ ऐसे भी मेटल्स हैं जो सोने-चांदी और हीरे से कई गुना महंगे हैं। यह है दुनिया के 10 सबसे महंगे मेटल्स :

 


एंटीमैटर -कीमत 393.75 लाख करोड़ रुपए प्रति ग्राम 
एक ग्राम एंटीमैटर यूनिट को बेचकर विश्व के 100 छोटे देशों को खरीदे जा सकते हैं। एक ग्राम एंटीमैटर की कीमत 393.75 लाख करोड़ रुपए है। नासा के मुताबिक, एंटीमैटर धरती का सबसे महंगा मटीरियल है। 
एंटीमैटर के एक ग्राम की कीमत 6.25 लाख करोड़ डॉलर है, यानी 393.75 लाख करोड़ रुपए है। एंटीमैटर दरअसल एक पदार्थ के ही समान है, लेकिन उसके एटम के भीतर की हर चीज उलटी है। एटम में सामान्य तौर पर पॉजिटिव चार्ज वाले न्यूक्लियस और नेगेटिव चार्ज वाले इलैक्ट्रोंस होते हैं, लेकिन एंटीमैटर एटम में नेगेटिव चार्ज वाले न्यूक्लियस और पॉजिटिव चार्ज वाले इलैक्ट्रोंस होते हैं। ये एक तरह का ईधन है, जिसे अंतरिक्षयान और विमानों इसका प्रयोग किया जाता है।

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 कैलिफोरियम -कीमत 170.91 करोड़ रुपए प्रति ग्राम 
एंटीमैटर के बाद दूसरे स्थान पर कैलिफोरियम है। इसकी कीमत करीब 170.91 करोड़ रुपए प्रति ग्राम है। इसकी खोज 1950 में अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुई थी। इसका इस्तेमाल न्यूक्लियर रिएक्टर में किया जाता है। ये एक टारगेट मटीरियल भी है, जो ट्रांसकैलिफोरियम धातु के उत्पादन में इस्तेमाल होता है।

 

 

 हीरा- कीमत 34.81 लाख रुपए प्रति ग्राम
हीरा पृथ्वी का एक दुर्लभ रत्न है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आभूषणों में किया जाता है। एक आकलन के अनुसार, कुछ हीरे 3.2 अरब साल पुराने हैं। इनकी कीमत 34.81 लाख रुपए प्रति ग्राम है। हमेशा हीरे की पहचान गहनों से होती है। यह रत्न अपनी चमक और खूबसूरत डिजाइन के लिए लोकप्रिय है।

 

ट्रिटियम- कीमत 18.9 लाख रुपए प्रति ग्राम 

ट्रिटियम हीरे के बाद दुनिया की चौथी सबसे महंगी वस्तुओं में से एक है। एक ग्राम ट्रिटियम की कीमत 18.9 लाख रुपए है। इसका इस्तेमाल मुख्यतः महंगी घड़ियों के निर्माण, दवा और रेडियो थेरपी में किया जाता है। 



टैफिट स्टोन- कीमत 12.6 लाख रुपए प्रति ग्राम
टैफिट स्टोन की पहचान एक रत्न के रूप में की गई है। यह दुर्लभ रत्न लाल और बैंगनी रंग का होता है। इस पत्थर की कीमत 12.6 लाख रुपए प्रति ग्राम है। ये हीरे के मुकाबले काफी मुलायम होता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सिर्फ एक रत्न के रूप में किया जाता है।

 

 

हेराेइन (ड्रग्)

यह ड्रग्‍स अफीम के पौधे की अफीम से प्राप्‍त होती है। इस अफीम को पहले परिष्‍कृत किया जाता है फिर आगे केमिकल हेरोइन बनने के लिए संशोधित। इसका आैसत मूल्य 130 डाॅलर प्रति ग्राम है। 

कोकीन

मेडिकली, इस तरह की को‍कीन का इस्‍तेमाल टोपिकल एनेस्थेटिक के रूप में किया जाता है। यह आमतौर पर नाक के माध्‍यम से सूंघने या मसूड़ों पर रगड़कर लिया जाता है। कुछ मामलों में तेजी से प्रतिक्रिया पाने के लिए इसका इस्‍तेमाल नशे या पानी में घोलकर इंजेक्‍शन के रूप में भी किया जाता है। इसकी कीमत 215 डाॅलर प्रति ग्राम है। 

 

एलएसडी : यह ड्रग्‍स गोलियां या जिलेटिन के रूप में आते है और अरगट कवक है कि जो राई जैसे अनाज पर बढ़ता है। इसका कोई औषधीय उपयोग नहीं है। एलएसडी लेने वाले वास्तविकता से दूर दु: स्वप्न का एक विचित्र राज्य बनाते है। इसकी कीमत 3,000 डाॅलर प्रति ग्राम है। 

पैनाइट :

इसका इस्तेमाल आभूषण में होता है। इसकी कीमत 9,000 डाॅलर है। 

वहीं, टाॅफेट स्टोन की कीमत 20,000 डाॅलर है। 

 
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