योगी सरकार का तोहफा, अखिलेश सरकार के इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू, लागत 500 करोड़ रुपए

लंबे समय के इंतजार के बाद अब देश के पहले जैन सर्किट प्रोजेक्ट पर काम शुरु हो गया है। रविवार से वाराणसी में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत जैन धर्म के प्रमुख तीर्थंकर चंद्रप्रभुनाथ जी के मंदिर में विधिवत पूजन, भूमि पूजन और भूमि खनन के साथ हुई।

Money Bhaskar

Jan 28,2019 07:31:00 PM IST

नई दिल्ली।

लंबे समय के इंतजार के बाद अब देश के पहले जैन सर्किट प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। गत रविवार से वाराणसी में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जैन धर्म के प्रमुख तीर्थंकर चंद्रप्रभुनाथ जी के मंदिर में विधिवत पूजन, भूमि पूजन और भूमि खनन के साथ हुई। अहमदाबाद के आनंदजी-कल्‍याणजी ट्रस्‍ट ने सर्किट डिवेलप करने का जिम्‍मा लिया है। योगी सरकार भी इसमें सहयोग दे रही है। इससे पहले जैन सर्किट परियोजना साल 2015 में समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल के दौरान आरंभ करने की बात थी। बाद में यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 500 करोड़ रुपए है।

ये स्थल उभरेगी तीर्थ स्थान के रूप में…

जैन धर्म के 24 में से चार प्रमुख तीर्थंकर पार्श्‍वनाथ (तेइसवें), सुपार्श्‍वनाथ (सातवें), त्रेयांसनाथ (ग्‍यारहवें) व चंद्रप्रभुनाथ जी (आठवें) का जन्‍मस्‍थलधर्म नगरी काशी के भेलूपुर, भदैनी, सारनाथ व चंद्रावती (चौबेपुर) इलाके में हैं। जैन सर्किट चारों प्रमुख तीर्थंकरों के जन्‍म स्‍थल को जोड़ेगा। इससे काशी नगरी हिन्‍दू व बौद्ध धर्म के साथ जैन धर्म के तीर्थ के रुप में भी उभरेगी। इन सभी सर्किट से जुड़े तीर्थ स्थलों के पुराने मंदिरों को चुनार के लाल पत्थरों से भव्य रूप दिया जाएगा। इन स्थलों तक पहुंच आसान करने के लिए सड़क के साथ जलमार्ग से जोड़ सर्किट को पर्यटन और धार्मिक टूरिज़म से जोड़ने की योजना है।

फर्स्ट फेज में 100 करोड़ खर्च होगा मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार जैन सर्किट परियोजना के पहले फेज में 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें गंगा किनारे च्रंद्रावती में मंदिर के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण और एक लाख के आसपास घनफुट एरिया में सफेद मार्बल पत्थर लगाया जाएगा। इसके अलावा 50 एकड़ एरिया में छोटा शहर बसाने की योजना है। शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ यहां बड़ी धर्मशाला और हॉस्पिटल भी बनेगा।चार साल लग गए जैन सर्किट परियोजना वर्ष 2015 में एसपी सरकार में सामने आई थी। इसके लिए यूपी सरकार और सर्किट डिवेलप करने का जिम्मा लेने वाले आनंदजी-कल्याणजी ट्रस्ट के बीच एमओयू साइन हुआ था। बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बीजेपी की सरकार आने के बाद इस दिशा में एक बार फिर प्रयास शुरू होने पर सरकार ने चंद्रावती में तीर्थंकर चंद्रप्रभुनाथ के सैकड़ों साल पुराने मंदिर को गंगा की कटान से बचाने के लिए 18 करोड़ रुपये मंजूर किए तो नमामि गंगा परियोजना के तहत पक्का घाट को मंजूरी मिली। इन दोनों प्रॉजेक्ट के साथ अब मंदिर जीर्णोद्धार व इलाके को विकसित करने का भी काम भी शुरू हुआ है।
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