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आज से शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र, लोकसभा सोमवार तक के लिए स्‍थगित

शुक्रवार से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के लिए विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने वाला है।

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नई दिल्‍ली. संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। नवनिर्वाचित सदस्‍यों को शपथ दिलाए जाने और मृत सदस्‍यों को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद लोकसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बता दें कि संसद का यह सत्र 5 जनवरी 2018 तक चलेगा। 

 

सुनील जाखड़ रहे नवनिर्वाचित सदस्‍य 

लोकसभा का सत्र शुरू होने के बाद इसके नवनिर्वाचित सदस्‍य सुनील जाखड़ ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री पीयूष गोयल व अन्‍य नए मंत्रियों का परिचय कराया। बता दें कि मोदी कैबिनेट में सितंबर 2017 में बदलाव किया गया था और इसमें नौ नए लोगों को शामिल किया गया था। बाद में लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन समेत अन्‍य सदस्‍यों ने तीन मौजूदा सदस्‍यों सुल्‍तान अहमद (तृणमूल कांग्रेस), एम तस्‍लीमुद्दीन (राष्‍ट्रीय जनता दल) और महंत चंदनाथ (बीजेपी) और कुछ पूर्व मृत सदस्‍यों को श्रद्धांजलित दी। इनमें पूर्व यूनियन मिनिस्‍टर और कांग्रेस नेता प्रिय रंजन दास मुंशी भी शामिल रहे। लोकसभा को 1 दिसंबर को पदभार संभालने वाली नई सेक्रेटरी जनरल और पूर्व आईएएस अधिकारी स्‍नेहलता श्रीवास्‍तव से भी परिचित कराया गया। वह लोकसभा की पहली महिला सेक्रेटरी जनरल हैं। 

 

सरकार को घेरने के लिए विपक्ष है तैयार 

शीतकालीन सत्र के लिए विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने वाला है। इनमें सत्र के देर से शुरू होने का मुद्दा भी शामिल है। कांग्रेस पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक, कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी, जनता दल (यू-रीबल ग्रुप) के प्रमुख शरद यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख रामगोपाल यादव और कांग्रेस के राज्‍यसभा में डिप्‍टी लीडर आनंद शर्मा समेत अन्‍य विपक्षी नेताओं ने संसद में कई मुद्दों को संयुक्‍त रूप से उठाने के लिए रणनीति तैयार कर ली है।  

 

 

नोटबंदी का प्रभाव, जीएसटी आदि के मुद्दे भी उठाएगा विपक्ष 

सूत्र के मुताबिक, शीतकालीन सत्र में देरी सरकार की विपक्ष के सवालों से बचने की सोची-समझी चाल का हिस्‍सा थी। विपक्ष द्वारा जिन अन्‍य मुद्दों को उठाने की योजना है, उनमें नोटबंदी का इकोनॉमी पर प्रभाव, गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स को सही तरीके से लागू न किया जाना, जम्‍मू-कश्‍मीर के हालात और चीन के साथ डोकलाम विवाद शामिल हैं। 

 

तीन तलाक बिल को पास कराने की होगी कोशिश 

पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्‍टर अनंत कुमार के मुताबिक, जिन दो बिलों को सरकार इस सत्र में पास कराने की कोशिश करेगी, वह हैं तीन तलाक बिल और नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्‍लास को संवैधानिक दर्जा देने के लिए बिल। नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्‍लास को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग करने वाले बिल को इससे पहले के सत्र में लोकसभा में पेश किया गया था और यह पास भी हो गया था। राज्‍यसभा में इसे कुछ संशोधनों के साथ पास किया गया था। उसके बाद इसे बदलावों के साथ एक बार फिर लोकसभा में पेश किया गया था। 

 

FRDI बिल समेत और दो बिल भी होंगे पेश 

इस सत्र में सरकार हाल ही में लाए गए दो अध्‍यादेशों की जगह बिल भी लाएगी। इसमें इन्‍सॉल्‍वेंसी और बैंकरप्‍सी कोड, 2016 में संशोधन का बिल भी शामिल होगा। सरकार फाइनेंशियल रिजॉल्‍यूशन एंड डिपॉजिट इंश्‍योरेंस बिल, 2017 (FRDI) को भी ला सकती है। इसका उद्देश्‍य बैंक, इंश्‍योरेंस कंपनी, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज, पेंशन फंड्स और स्‍टॉक एक्‍सचेंजेस जैसे इंस्‍टीट्यूशंस की विफलता के नतीजों को सीमित करना है। FRDI बिल को लोकसभा में अगस्‍त में पेश किया गया था और बाद में इसे जॉइंट पार्लियामेंटरी कमेटी को भेज दिया गया था। कमेटी की रिपोर्ट के शीतकालीन सत्र में आने की उम्‍मीद है।

 

की गई सर्वदलीय बैठक 

सरकार सप्‍लीमेंटरी डिमांड फॉर ग्रान्‍ट्स के दूसरे बैच को भी संसद में पेश करेगी। इस बीच बृहस्‍पतिवार को पार्लियामेंटरी अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने भी डिनर पर एक अन्‍य मीटिंग बुलाई है।  

 

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