1 April से बदल जाएगी सरकार की पेंशन स्कीम, सरल भाषा में समझें कैसे आपको मिलेगा फायदा

what is national pension scheme benefits changes from 1 april 2019 : 1 अप्रैल 2019 से नए वित्त वर्ष चालू हो जाता है। ऐसे में कई बड़े बदलाव किए जाते हैं इनमें एक नेशनल पेंशन स्कीम(NPS) भी शामिल है। नए वित्त वर्ष से इस स्कीम में खाता खुलवाने वालों को टैक्स में पूरी तरह से छूट मिलेगी। सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम को पीपीएफ की तरह EEE यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट का दर्जा दिया है। 

Money Bhaskar

Mar 27,2019 11:21:00 AM IST

नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2019 से नए वित्त वर्ष चालू हो जाता है। ऐसे में कई बड़े बदलाव किए जाते हैं इनमें एक नेशनल पेंशन स्कीम(NPS) भी शामिल है। नए वित्त वर्ष से इस स्कीम में खाता खुलवाने वालों को टैक्स में पूरी तरह से छूट मिलेगी। सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम को पीपीएफ की तरह EEE यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट का दर्जा दिया है। इस योजना के तहत पेंशन में सरकार कर्मचारियों की बेसिक सेलरी का 14 फीसदी योगदान देगी। पहले सरकार का योगदान10फीसदी था। हालांकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 फीसदी ही रहेगा। इससे केंद्र सरकार के 36लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।आपको बता दें कि अब सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है।

जानिए स्कीम से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

मौजूदा समय में ये नियम है : NPS नियमों के मुताबिक, कर्मचारी रिटायरमेंट के समय कुल जमा फंड में से 60 फीसदी पैसा निकाल सकता है। बाकी बची 40 फीसदी रकम पेंशन योजना में चली जाती है। इस हिसाल से NPS में पैसा लगाने वालों की जमा राशि में से रिटायरमेंट के समय 60 फीसदी में से 40 फीसदी टैक्स फ्री होती है, जबकि शेष 20 फीसदी पर टैक्स देनदारी बनती है, लेकिन अब यह पूरी राशि टैक्स फ्री होगी।

टैक्स में छूट : 1 अप्रैल सेNPS में पैसा लगाने वालों को पूरी तरह टैक्स छूट मिलेगी. दरअसल सरकार ने NPS को PPF की तरह EEE यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट का दर्जा हासिल है। इसके अलावा NPS के तहत सरकार की ओर से दिया जाने वाला योगदान बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है. इससे पहले यह 10 फीसदी है. हालांकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 फीसदी ही रहेगा. NPS में बदलाव एक अप्रैल 2019 से लागू होंगे.

इतनी होगी पेंशन : 60 साल का होने पर आप कितनी रकम की एन्युटी खरीदते हैं। जितनी ज्यादा रकम की एन्युटी खरीदेंगे, उतनी ही ज्यादा रकम हर महीने पेंशन की मिलेगी। एन्युटी इस बात पर कि निर्भर करती है कि आपकी पेंशन वेल्थ कितनी है।

रिटायरमेंट पर मिलेगी इतनी रकम : एक उदाहरण से समझिए कि किसी व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष है और वह एनपीएस में प्रत्येक माह 5,000 रुपये निवेश कर रहे हैं। यदि आपको निवेश पर औसतन 10% रिटर्न मिलता है तो रिटायरमेंट तक यानि 60 वर्ष की उम्र तक एनपीएस फंड करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये हो जायेगा। इस स्कीम की नियमों के मुताबिक रिटायरमेंट के समय आपको कुल फंड का कम से कम 40 फीसदी अन्युटी प्लान को परचेज करने में खर्च करना पड़ेगा। इसके बाद बचा हुआ पैसा आपको लंप सम अमाउंट के तौर पर मिल जाएगा। ऐसे में यदि आप 50 प्रतिशत का एन्युटी प्लान खरीदते हैं तब भी आपको करीब 57 लाख के करीब रिटायरमेंट के समय मिलेगा ।

इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया है

 

नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) एक रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट है, जिसे भारत सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था। इस तारीख के बाद जॉइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है। 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया है। जिसके चलते प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है।



 

ऐसे खुलावाएं खाता

 

नेशनल पेंशन स्कीम खाता आप किसी भी सरकारी और प्राइवेट बैंक में खुलवा सकते हैं। देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को पीओपी बनाया गया है, इसलिए किसी भी बैंक की नजदीकी ब्रांच में अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस योजना में दो तरह के अकाउंट होते हैं। टियर 1 और टियर 2. हर ग्राहक को एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर कार्ड उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर 12 अंकों का एक नंबर होता है। 8 साल से 65 साल तक की उम्र का कोई भी व्‍यक्ति मिनिमम 500 रुपए से एनपीएस अकाउंट खुलवा सकता है। टियर 1 NPS अकाउंट खुलवाने के लिए मिनिमम 500 रुपए रुपये जरूरी है जबकि टियर 2 एनपीएस अकाउंट खुलवाने के लिए मिनिमम 1000 रुपये जरूरी है।


 


 


 


 


 

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