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पीएम मोदी ने दी नई सौगात: अब घूमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद और स्वराज द्वीपों पर,जानिए इनके बारे में

यह द्वीप कुदरत के अद्भुत नजारों का संगम है, यहां आते हैं लाखों की संख्या में सैलानी

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 नई दिल्ली। अगर आप द्वीप घूमने के शौकीन हैं तो आपके लिए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से बेहतर जगह और कौन सी हो सकती है। दक्षिणी अंडमान आइलैंड पर स्थित है पोर्ट ब्लेयर जहां पहुंचकर आपको बीचेज और तटरेखा के अलावा बेहतरीन आदिवासी कल्चर को भी देखने का मौका मिलेगा। यहां आप नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। हम बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के तीन द्वीपों के नामों को बदल दिया है। हम बात कर रहे हैं रोज द्वीप, नील द्वीप और हैवलॉक द्वीप की जिनका हाल ही में नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप रखा गया है।

 

क्यों आते हैं टूरिस्ट:
स्कूबा डाइविंग, अंडर सी वॉक, स्नोर्कलिंग, स्विमिंग, सनबाथिंग, एलिफैंट राइड, ट्रेकिंग, गेम फिशिंग।

 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप

दूर तक फैले साफ समुद्र, हवा, समुद्री पक्षी, दूर तक फैले जंगल, काजू और नारियल के पेड़ और मनमोहक नजारों के साथ आप अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं। यहां का नीला और शातं समुद्र किसी भी मायने में माॅरीशस, मालदीव और मलेशिया से कम नहीं है। यह द्वीप सैलानियों के बीच काफी मशहूर है। हम बता दें इससे पहले इसे रोज द्वीप के नाम से जाना जाता था। 

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शहीद द्वीप

नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप रखा गया है। 37 स्क्वॉयर किलोमीटर में फैला छोटा, लेकिन खूबसूरत आईलैंड है नील। यह अंडमान आईलैंड्स से दक्षिण में है। कोरल रीफ और बेहतरीन बायोडायवर्सिटी की वजह से यह भी अंडमान के हॉट टूरिस्ट स्पॉट में शामिल है। इसे vegetable bowl भी कहा जाता है। आईलैंड को करीब दो घंटे में पैदल भी घूमा जा सकता है. पोर्ट ब्लेयर से स्पीड बोट के जरिए आईलैंड पर पहुंचा जा सकता है।

 

 

हैवलाॅक आईलैंड

 

हैवलॉक आईलैंड सफेद बालू के बीचों वाली खूबसूरत जगह है जो रिच कोरल रीफ और ग्रीन फॉरेस्ट से घिरी है। करीब 113 स्क्वॉयर किलोमीटर एरिया में फैला यह अंडमान ग्रुप में सबसे अधिक आबादी वाला आईलैंड भी है। पोर्ट ब्लेयर से इसकी दूरी करीब 39 किलोमीटर है। पोर्ट ब्लेयर से सरकारी या प्राइवेट फेरी या फिर हेलिकॉप्टर के जरिए आईलैंड पर पहुंचा जा सकता है। अब इस द्वीप को स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाता है। 

 

 

से पहुंचें पोर्ट ब्लेयर

पोर्ट ब्लेयर पहुंचने के लिए आप हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। कोलकाता और चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए नियमित फ्लाइट्स मौजूद हैं। यहां जाने के लिए भारतीयों को तो किसी तरह की परमिशन की जरूरत नहीं होती लेकिन विदेशियों और एनआरआई लोगों को यहां पहुंचने पर प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) लेना पड़ता है जो पोर्ट ब्लेयर में 30 दिन के लिए वैलिड होता है। आप चाहें तो समुद्र मार्ग के जरिए शिप से भी पोर्ट ब्लेयर जा सकते हैं। विशाखापट्टनम से पोर्ट ब्लेयर पहुंचने में 56 घंटे, चेन्नई से 60 घंटे और कोलकाता से 66 घंटे लगते हैं। 

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