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51 करोड़ से एक ही दिन में 10000 जोड़ों का सामूहिक विवाह, सभी कन्या के खाते में दिए 35,000 रुपए

सामूहिक विवाह के लिए सरकार ने रखा 250 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान

Uttar Pradesh government organizes 10000 marriages in one day

नई दिल्ली। एक दिन में 10,000 जोड़ों का सामूहिक विवाह। आसान काम नहीं है। ऊपर से सभी कन्याओं के खाते में 35,000 रुपए नकद। प्रति जोड़ों के विवाह आयोजन के लिए 6000 रुपए की व्यवस्था तो प्रति जोड़ों को दी जाने वाली वैवाहिक सामग्री पर 10,000 रुपए का खर्च। कुल मिलाकर 51 करोड़ का खर्च। आप सोच रहे होंगे कि किसी धनवान व्यक्ति ने इस काम को अंजाम दिया होगा। नहीं। इस काम को अंजाम दिया है कि जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की सरकार ने। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 9 फरवरी, 2019 को एक ही दिन में 10,000 जोड़ों के सामूहिक विवाह संपन्न करा दिए। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने समाज कल्याण विभाग की तरफ से इस काम को अंजाम दिया गया। सरकार के अधिकारियों ने मनी भास्कर को बताया कि सिर्फ इन जोड़ों की शादी ही नहीं कराई जाती है बल्कि सभी कन्याओं के खाते में 35,000 रुपए भी दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पहले एक जोड़ों के विवाह पर कुल 35 हजार रुपए खर्च किए जाते थे जिसे बढ़ाकर 51,000 कर दिया गया है। जोड़ों को गिफ्ट भी दिए जाते हैं। प्रति जोड़े के लिए गिफ्ट का बजट 10,000 रुपए का है। इस मौके पर भोजन एवं विशेष भोज का इंतजाम रहता है जिनके मद में एक जोड़े के नाम पर 6000 रुपए खर्च होते हैं। सारे काम उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग की देखरेख में होते हैं।

 

सामूहिक विवाह के लिए 250  करोड़ का बजट

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक योजनान्तर्गत वर्ष 2018-19 में सामूहिक विवाह के लिए 250 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार के अधिकारी ने बताया कि अब तक योजनान्तर्गत 34 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न हो चुका है। यह प्रयास लगातार जारी रहेगा। लेकिन सामूहिक विवाह का आयोजन तभी किया जाता है जब कम से कम 10 जोड़े उपलब्ध हो जाते हैं। 10 जोड़ों पर ही सामूहिक विवाह के आयोजन की व्यवस्था की जाती है।

 

लाभ लेने की शर्तें

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक सालाना 2 लाख रुपए तक की आय सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी परिवार सामूहिक विवाह स्कीम में शामिल हो सकते हैं। लेकिन विवाह में शामिल होने के लिए विकास खंड, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद एवं नगर निगम स्तर पर पंजीयन कराना होता है।

 

खासियत

प्रदेश सरकार के मुताबिक सामूहिक विवाह स्कीम से समाज में सर्वधर्म तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। यहां सभी समुदाय एवं धर्म के रीति-रिवाजों के मुताबिक विवाह की व्यवस्था की जाती है। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता के पुनर्विवाह का भी इंतजाम होता है। दहेज के कलंक से मुक्ति मिलती है। विवाह उत्सव में अनावश्यक खर्च एवं प्रदर्शन पर रोक लगती है।

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