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असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिल सकता है तोहफा, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने पर हो रहा है विचार

साल 2017 में किया गया था इस कमिटी का गठन

Unorganized sector workers can get gifts

Unorganized sector workers can get gifts हाल ही में लेबर मिनिस्ट्री की एक कमेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 375 रुपए करने और शहरों में श्रमिकों को अतिरिक्त हाउस रेंट अलाउंस देने की सिफारिश की है। आपको बता दें कि मौजूदा समय में एग्रीकल्चर सेक्टर में अनस्किल्ड लेबर के लिए न्यूनतम मजदूरी 321 रुपए है और अन्य सेक्टर में अनस्किल्ड लेबर के लिए न्यूनतम मजदूरी 371 रुपए प्रतिदिन है।

नई दिल्ली। हाल ही में लेबर मिनिस्ट्री की एक कमेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 375 रुपए करने और शहरों में श्रमिकों को अतिरिक्त हाउस रेंट अलाउंस देने की सिफारिश की है। आपको बता दें कि मौजूदा समय में एग्रीकल्चर सेक्टर में अनस्किल्ड लेबर के लिए न्यूनतम मजदूरी 321 रुपए है और अन्य सेक्टर में अनस्किल्ड लेबर के लिए न्यूनतम मजदूरी 371 रुपए प्रतिदिन है।

 

साल 2017 में किया गया था कमिटी का गठन


साल 2017 में लेबर मिनिस्ट्री ने राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी तय की समीक्षा करने और उसे तय करने का तरीका सुझाने के लिए वीवी गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान के फैलो अनूप सतपथी की अध्यक्षा में एक कमिटी का गठन किया था।  इस कमिटी ने गुरुवार को श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव के जरिए अपनी रिपोर्ट सौंपी। 

 

न्यूनतम मजदूरी 375 रुपए प्रतिदिन तय करने का सुझाव 


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के मानकों को आधार बनाकर इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है। अपनी इस रिपोर्ट में कमिटी ने न्यूनतम मजदूरी 375 रुपए प्रतिदिन तय करने का सुझाव दिया है। साथ ही कमिटी ने शहरों में श्रमिकों को  को अतिरिक्त हाउस रेंट अलाउंस देने की सिफारिश की है।  इसपर लेबर मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। 

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