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देश का ये 5 यूनिक रेस्टोरेंट हैं सैलानियों के बीच मशहूर

यहां खाने के साथ मिलता है रोमांचक अहसास

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नई दिल्ली। दुनियाभर में कई ऐसे अजीबोगरीब रेस्टोरेंट हैं, जिनके बारे में सुनने के बाद आश्चर्य होता है। इन रेस्टोरेंट्स का मजा लेने के लिए खासकर लोग घूमने का प्लान बनाते हैं। भारत के कई प्रमुख शहरों में वियर्ड थीम (Weird Theme) पर कई रेस्टोरेंट बने हैं, जो सैलानियों के बीच मशहूर हैं। हम आपको ऐसे ही 5 रेस्टोरेंट के बारे में बता रहे हैं जहां आप खाने के साथ थ्रिल का मजा भी ले पाएंगे। 

 

160 फीट ऊंचाई पर खाना खाने का शानदार अनुभव 

टेक्नोलॉजी की सिटी बेंगलुरू में एक अनूठा हैंगिंग रेस्टोरेंट है। इसमें मेहमानों को 160 फीट ऊंचाई पर खाना खाने का शानदार अनुभव मिलता है। इस हवा में झूलते हुए रेस्टोरेंट में 22 लोग एक साथ खाने का मजा ले सकते हैं। यहां ग्राहकों को क्रेन द्वारा एयरलिफ्ट किया जाता है। डिनर टेबल भी धीरे-धीरे 360 डिग्री घूमती रहती है, ताकि मेहमानों को बिना किसी डर और टेंशन के तालाब की खूबसूरती और आसपास के सुंदर नजारे दिखाई दे सकें। बेंगलुरू में स्पोर्ट्स एडवेंचर कंपनी जंपकिंग ने इसकी शुरुआत की है। यहां आपको प्रति व्यक्ति के खाने के लिए 6,999 रुपए चुकाने होंगे। वेस्टर्न यूरोप के बेल्जियम में भी ऐसा ही रेस्टारेंट है।

 

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नेचर्स टॉयलेट कैफेअहमदाबाद


किसी रेस्टोरेंट के नाम में ही टॉयलेट शब्द आ जाए तो खाना मुश्किल हो जाता है। इस रेस्टोरेंट को जयेश पटेल ने बनाया है। यहां कस्टमर्स के बैठने के लिए टॉयलेट सीट्स लगाई गई है। यहां 20 से भी ज्यादा टॉयलेट सीट्स हैं। सबसे अनोखी बात यह है कि यहां लोगों को प्लेट में नहीं बल्कि टॉयलेट सीट में ही खाना परोसा जाता है।

 

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गुजरात के अहमदाबाद का न्यू लक्की रेस्टोरेंट

 

गुजरात के अहमदाबाद का न्यू लक्की रेस्टोरेंट अपने आप में एक अनोखा रेस्टोरेंट है। लोगों को यहां आकर एक अनोखा अनुभव मिलता है। रेस्टोरेंट में करीब एक दर्जन कब्रें हैं। जहां लोग कब्रों के पास लगे मेज-कुर्सी पर बैठकर खाना खाते हैं। अहमदाबाद के इस रेस्टोरेंट के मालिक कृष्णन कुट्टी ने जिस तरीके को अपनाया उसे शायद ही कोई बिजनेसमैन अपनाना चाहेगा। कब्रिस्तान में खुला यह रेस्टोरेंट बच्चों, बूढ़ों और नौजवानों में बेहद फेमस है। इस रेस्टोरेंट में कब्रों के बीच-बीच से रास्ता बनाकर मेज और कुर्सियां लगाई गई हैं। रेस्टोरेंट के मालिक कृष्णनन कुट्टी का मानना है कि कब्रिस्तान गुडलक लाता है और यही वजह है कि हमारा यह रेस्टोरेंट यहां काफी फल-फूल रहा है। कुट्टी के अनुसार इस रेस्टोरेंट में कब्रों को वैसे ही बनाए रखा गया है। किसी भी कब्र को हटाए बिना रेस्टोरेंट इस तरह से तैयार किया गया है कि लोगों को आराम से कुर्सी और टेबल पर बैठने की जगह मिल जाती है। इस रेस्टोरेंट में कब्रों को लोहे की ग्रिल्स से सील किया गया है। यहां हमेशा कस्टमर्स की भीड़ रहती है। यहां अधिकतर लोग चाय और ब्रेकफास्ट करने आते हैं। यहां सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ग्राहक आते हैं। यहां ब्रेकफास्ट खाने के लिए 1,000 रुपए चुकाने पड़ते हैं।

 

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इस रेस्टारेंट में हैं अमिताभ बच्चन की फिल्मों के नाम की प्लेट्स

 

गोरखपुर के बीचो-बीच गोलघर में रॉयल रेजीडेंसी 'शहंशाह' होटल का नाम अमिताभ बच्चन की फिल्म शहंशाह के नाम पर रखा गया है। रेस्टोरेंट की सजावट से लेकर मेन्यू और डिश तक का नाम अमिताभ बच्चन से प्रभावित है। इस रेस्टोरेंट के मालिक का नाम रक्ष ढींगरा है, जो एक बिजनेसमैन हैं। दो फ्लोर पर बने इस रेस्टोरेंट के पहले तल पर खाने-पीने का इंतजाम है। टेबलों पर परोसे जाने वाले डिशेज भी अमिताभ के नाम पर है। जैसे- डेजर्ट स्पेशल डिश का नाम ''जादूगर'' है। गलियारे में रखी मोटरसाइकिल लोगों को फिल्म शोले के जय और वीरू की दोस्ती की याद दिलाती है। रेस्टोरेंट के अंदर घुसने पर सीलिंग पर मूवी की रील पर अमिताभ बच्चन की फिल्में घूमते हुए नजर आती हैं। दीवारें 'दीवार' फिल्म से प्रभावित है। रेस्तरां में घुसते ही टेबल्स पर अमिताभ की मूवीज के नाम की प्लेटें रखी हुई हैं। जैसे- पहली टेबल ''दोस्ताना द कंफिडेंशियल'' है।

 

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टेस्ट आफ डार्कनेस

अपने यूनिक डाइनिंग कॉन्सेप्ट के लिए मशहूर हैदराबाद का टेस्ट ऑफ डार्कनेस उन लोगों के लिए खास है जो देख नहीं सकते हैं। इस रेस्टारेंट में एक भी लाइट नहीं है ना ही कैंडल जलाया जाता है। यहां हर तरह के कस्टमर्स आते हैं। यह रेस्टोरेंट एहसास दिलाता है कि अगर आंखें ना हो तब दुनिया कैसी होगी क्योंकि यहां आप कुछ देख नहीं सकते हैं। रेस्टोरेंट में पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है। यहां आप हिलते ब्रिज और पार्क का अनुभव भी कर सकते हैं। यह दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहती है। यहां आप लंच या डिनर 5,000 रुपए में किया जा सकता है।

 

 

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