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10,000 करोड़ रुपए का नहीं है कोई दावेदार, यहां पड़े हैं बेकार

वित्त मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी

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नई दिल्ली. देशभर में करीब 10 हजार करोड़ रुपए की जमा धनराशि ऐसी है, जिस पर पिछले 10 साल से किसी ने दावा नहीं किया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हवाले से बताया कि दिसंबर 2017 तक देशभर की पब्लिक सेक्टर बैंकों के पास कुल 9552 करोड़ रुपए की राशि जमा थी। इस पर पिछले 10 साल से किसी ने दावा नही किया है। 

 

बीमा कंपनियों के पास जमा है 50 करोड़ से ज्यादा की अनक्लेम्ड राशि

वित्त राज्य मंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी के पास पिछले साल तक पॉलिसी धारकों की 35.23 करोड़ रुपए की धनराशि पड़ी थी, जबकि पब्लिक की बीमा कंपनियों जैसे न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के पास पॉलिसी होल्डर का 15.67 करोड़ है। इस पर किसी ने कोई दावा नहीं किया है। 

 

DEAF फंड में जमा की जाती है अनक्लेम्ड राशि 

जब सरकार से पूछा गया कि क्या सरकार ऐसी धनराशि को जब्त करने के लिए कोई कार्रवाई करने पर विचार कर रही है, जिस पर दस वर्ष से अधिक समय से कोई दावा नहीं किया गया है, तो सरकार की तरफ से जवाब दिया गया कि ऐसी किसी भी संपत्ति और पैसों को बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट 1949 के तहत डिपॉजिटर एजूकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) स्कीम में जमा कर दिया जाता है। अगर कोई 10 वर्षों के बाद रकम पर दावा करता है और उसे बैंक सही पाते हैं, तो इसे DEAF फंड की ओर लौटा दिया जाता है।

 

 

बीमा की अनक्लेम्ड राशि वृद्धों पर की जाती है खर्च

 वहीं, सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियों में प्रत्येक वित्तीय वर्ष के 30 सितम्बर तक ऐसी जमा अनक्लेम्ड जमाराशि पर की पहचान कर सूची तैयार करता है, उन्हें प्रत्येक वर्ष 31 मार्च तक वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में ट्रांसफर कर देता है। इस रकम से बूढ़े लोगों को लिए योजनाएं बनाकर खर्च किया जाता है। 

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