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अपनों की खाति‍र मोदी ने लि‍ए फैसले, नाराज हुए दुनि‍या के 5 बड़े देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों में कुछ बेहद कड़े फैसले लि‍ए हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। देश के कि‍सानों और कारोबारि‍यों के हि‍तों के लि‍ए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों में कुछ बेहद कड़े फैसले लि‍ए हैं। ये फैसले कड़े इसलि‍ए हैं क्‍योंकि‍ इनकी वजह से दुनि‍या के कई ताकतवर देश नाराज हो गए हैं। नाराजगी भी छोटी-मोटी नहीं है। इन देशों ने एक साथ एक आवाज में भारत के फैसलों का वि‍रोध कि‍या है। अमेरि‍का ने तो अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली है। हालांकि‍ भारत सरकार ने यह फैसले देश के कि‍सानों और कारोबारि‍यों के हि‍तों की रक्षा के लि‍ए उठाए हैं। अमेरिका, जर्मनी, ऑस्‍ट्रेलि‍या, कनाडा, यूक्रेन और यूरोपीय यूनि‍यन से एक सुर में भारत के फैसलों को गलत ठहराया है। यह फैसले उनके नजरिए से गलत इसलि‍ए हैं क्‍योंकि‍ इससे उनके कि‍सानों और कारोबारि‍यों को नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि‍ मोदी भी अपने फैसले पर अटल हैं और उन्‍होंने इनमें कि‍सी तरह के बदलाव की संभावना से इनकार कर दि‍या है।  आगे पढ़ें भारत के सख्‍त फैसले 

फैसला नंबर एक - दालों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना
कौन कौन नाराज - ऑस्‍ट्रेलि‍या, अमेरि‍का, यूक्रेन, कनाडा, यूरोपीय यूनि‍यन 


एक सुर में कि‍या वि‍रोध 
दालों पर इंपोर्ट ड्यूटी ब़ढ़ाने के भारत के फैसले से कनाड़ा, ऑस्‍ट्रेलि‍या, यूक्रेन, यूरोपीय यूनि‍यन और अमेरि‍का चि‍ढ़ गए हैं। यह सभी देश बड़े पैमाने पर अन्‍न व दालों का उत्‍पादन करते हैं। पहले तो उन्‍होंने अलग अलग इस फैसले का विरोध कि‍या मगर जब दाल नहीं गली तो उन्‍होंने वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइनेशन में मि‍लकर भारत के खि‍लाफ हल्‍ला बोल दि‍या।  हालांकि‍ भारत ने ये कहकर बचाव कि‍या है कि‍ भारत का यह फैसला डिमांड और सप्‍लाई को देखते हुए लि‍या गया है।  आगे पढ़ें मोदी ने क्‍यूं लि‍या ये फैसला 

 

क्‍यूं लि‍या मोदी ने यह फैसला
वर्ष 2016-17 में भारत में दालों का प्रोडक्‍शन काफी अच्‍छा हुआ है, जि‍सकी वहज से घरेलू बाजार में दाम गि‍र गए हैं। उदाहरण के तौर पर चने के उत्‍पादन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जि‍सकी वजह से इसके दाम एमएसपी से भी नीचे आ गए हैं। ऐसा होने पर कि‍सानों को नुकसान होता है। ऐसे में अगर बाहर से दाल आने लगती है तो घरेलू बाजार में दाम और नीचे चले जाते हैं। तब कि‍सानों के हि‍तों को बचाने के लि‍ए सरकार इंपोर्ट ड्यूटी को एक हथि‍यार के तौर पर इस्‍तेमाल करती है। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से बाहर से आने वाली दाल महंगी पड़ने लगती है तो व्‍यापारी भारतीय कि‍सानों से ही दाल खरीदते हैं। भारत ने 2017 में पीली मटर  पर 50 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी थी। इसके अलावा दि‍संबर 2017 में चने और मसूर पर 30 फीसदी कस्‍टम ड्यूटी लगा दी।  इस फैसले पर अमेरि‍का ने दी अंजाम भुगतने की चेतावनी 

 

फैसला नंबर 2 : ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई 
कौन कौन नाराज : अमेरि‍का और जर्मनी 
ये है सरकार का फैसला 
मोदी सरकार ने बजट 2018-19 में मेक इन इंडि‍या को बढ़ावा देने के लि‍ए ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाई है वहीं, इस फैसले की वजह से अमेरि‍का और जर्मनी ने भारत को चेतावनी दे डाली है। सरकार ने बजट 2018 में कम्‍पलि‍टली नॉक डाउन (CKD) और कम्‍पलि‍टली बि‍ल्‍ड यूनि‍ट (CBU) की इंपोर्ट ड्यूटी को 5 फीसदी बढ़ा दि‍या है। इस फैसले पर अमेरि‍का और जर्मनी दोनों ने संकेत दि‍ए हैं कि‍ भारत इसका नतीजा भुगतने के लि‍ए तैयार रहे। दोनों देशों ने अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी है।  आगे पढ़ें क्‍या कहा ट्रंप और जर्मनी ने 

 

अमेरिका भी उठाएगा जवाबी कदम 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्‍ड ट्रम्‍प ने हार्ले डेविडसन बाइक पर हाई इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगाने के भारत के फैसले पर नाराजगी जताई और इसे गलत बताया है। ट्रम्‍प ने भारत को भी धमकी दी कि अमेरिका भी अपने यहां इम्‍पोर्ट होने वाली भारतीय मोटरसाइकिलों पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी बढ़ा देगा।   वहीं जर्मनी के राजदूत ने चेतावनी दी है कि बजट प्रपोजल भारत के लिए तब उलटा पड़ सकता है। भारत को यूरोपीय संघ के साथ एक मुफ्त व्यापार समझौते पर बातचीत करनी होगी। 

 

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