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Home » Economy » PolicyMumbai based man showed his dead mother alive through forged documents

285 कराेड़ रुपए की संपत्ति हड़पने के लिए अपनी मरी हुई मां को जिंदा बताता रहा यह शख्स

भाई ने खोली पोल, कोर्ट में दर्ज कराया मामला

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नई दिल्ली.

मुंबई के रहने वाले एक शख्स ने पैसों के लालच में अपनी मां को मरने के बाद भी इज्ज्त नहीं बख्शी। सुनील गुप्ता नाम के इस शख्स ने अपनी मां की 285 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने के लिए झूठे कागज बनवाकर उन्हें जिंदा दिखाया और उनकी संपत्ति अपने नाम कर ली। इस फर्जीवाड़े में उनकी पत्नी और बेटों ने भी साथ दिया। इस बात की पोल तब खुली जब इस शख्स के भाई ने पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।

 

भाई ने लगाया आरोप

सुनील के भाई विजय गुप्ता ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मामला दर्ज कराया कि उनके भाई ने धोखे से सारी प्रॉपर्टी अपने कंट्रोल में ले ली है। उनके मुताबिक 7 मार्च, 2011 को उनकी मां की मृत्यु होने के बाद सुनील गुप्ता ने उनके जिंदा होने के झूठे सर्टिफिकेट बनवाए और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करते हुए कंपनी को अपने और अपने परिवार के नाम करवाया। जबकि उन्होंने अपनी वसीयत में लिखवाया था कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को उनके बेटों के बीच बराबर बांटा जाएगा। विजय गुप्ता का यह भी कहना है कि मां की मृत्यु के तुरंत बाद सुनील गुप्ता ने उनसे पूछे बिना अपने एक दोस्त की कंपनी में 29 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए।

 

आगे पढ़ें- ऐसे किया फर्जीवाड़ा

 

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

सुनील गुप्ता की मां कमलेश रानी के पास 285 करोड़ की प्रॉपर्टी थी। इसमें मोमबत्ती बनाने की फैक्ट्री भी शामिल थी। सुनील गुप्ता ने रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज जमा कराए जिसके मुताबिक उनकी मां उन्हें मोमबत्ती बनाने की कंपनी तोहफे के रूप में देने वाली थींलेकिन इससे सात दिन पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। कानून के मुताबिक मृत लाेगों के नाम से तोहफे नहीं दिए जा सकते हैंऐसे में उन्होंने झूठे दस्तावेज बनाकर अपनी मां को जिंदा दिखाया जिससे कि वह कंपनी उन्हें आराम से मिल सके।

 

आगे पढ़ेंपुलिस ने किया गिरफ्तार

 

 

पुलिस ने किया गिरफ्तार

विजय गुप्ता द्वारा जिला न्यायालय में अपने भाई के खिलाफ मामला दर्ज कराने के बाद जिला न्यायालय के आदेश पर इस पांच साल पुराने केस में सुनील गुप्ताउनकी पत्नीउनके दो लड़कों और पांच अन्य लोगों के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-20 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद नोएडा पुलिस की टीम ने मुंबई जाकर सुनील गुप्ताउनकी पत्नी और एक बेटे को गिरफ्तार किया। उन्हें नोएडा की एक कोर्ट में पेश किया गया और फिर यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्हें इंडियन पीनल कोड की धारा 420, 467 और 506 के तहत चीटिंग व फ्रॉडधोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के लिए गिरफ्तार किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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