ये हैं भारत की 5 सबसे महंगी मूर्तियां, इतना आया खर्च, जानिए इनके बारे में सबकुछ

 

Largest  statue of India: भारत में पिछले कुछ सालों से मूर्तियों की होड़ सी लगी है। उसमें भी सबसे ऊंची मूर्ति लगाने को लेकर रफ्तार जारी है। इसमें जनता का हजारों करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। आज हम ऐसे ही 5 मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का तमगा दिलाने की होड़ लगी है। 

Money Bhaskar

Apr 03,2019 11:08:00 AM IST

नई दिल्ली. भारत में पिछले कुछ सालों से मूर्तियों की होड़ सी लगी है। उसमें भी सबसे ऊंची मूर्ति लगाने को लेकर रफ्तार जारी है। इसमें जनता का हजारों करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। आज हम ऐसे ही 5 मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का तमगा दिलाने की होड़ लगी है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

गुजरात सरकार ने 3,000 करोड़ रुपए की लागत से सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति बनवाई है। सरदार पटेल की मुख्य प्रतिमा बनाने में1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किये गये। वहीं 657 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए किए जाएंगे। 83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गये। इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नाम दिया गया है। इसका कुल वजन 1700 टन है।इस मूर्ति का निर्माण राम वी. सुतार की देखरेख में हुआ है। चीन स्थित स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा के नाम अब तक सबसे ऊंची मूर्ति होने का रिकॉर्ड था। मगर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ने अब चीन में स्थापित इस मूर्ति को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया है।

शिवाजी जी मूर्ति, मुंबई


महाराष्ट्र सरकार करीब 3800 करोड़ रुपये की लगात से छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल का निर्माण कर रही है। इस मूर्ति को बनाने का ठेका लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को मिला है।मुंबई में अरब सागर के भीतर बना रहे छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल या शिवा स्मारक को जल्द ही दुनिया के सबसे ऊंचे स्टैच्यू का खिताब मिल जाएगा। शिवा स्मारक की ऊंचाई 190 मीटर है, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर ऊंचा है। शिवा स्मारक में शिवाजी की मूर्ति के अलावा एक म्यूजियम, एक थियेटर और एक अस्पताल भी होगा. तय कार्ययोजना के मुताबिक ये स्मारक 2021 में बनकर तैयार हो जाएगा. इस तरह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति होने का खिताब सिर्फ तीन साल रहेगा।


भगवान राम मूर्ति, अयोध्या

योगी आदित्यनाथ सरकार भी भगवान राम की मूर्ति बनाने की योजना पर आगे बढ़ रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण, डिजाइन डिवेलपमेंट और प्रॉजेक्ट रिपोर्ट आदि पर 200 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत आएगी। इसे भी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने का दावा किया जा रहा है। यह मूर्ति भगवान राम की होगी। इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार ने गुजरात सरकार के साथ एक एमओयू साइन किया है। इसके तहत गुजरात की ओर से राम की 221 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने में टेक्निकल सपोर्ट दिया जाएगा। सरकार की ओर से बताया गया कि प्रतिमा के लिए जिला मजस्ट्रेट ने जगह चिन्हित कर ली है।


अटल बिहारी वाजपेयी मूर्ति

लोकभवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके अलावा राजभवन में स्वामी विवेकानंद की साढ़े बारह फीट की मूर्ति लगाई जाएगी। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ और महंत दिग्विजय नाथ की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। इन दोनों की ऊंचाई भी साढ़े बारह फीट होगी। ये दोनों प्रतिमाएं गोरखपुर के शैक्षणिक संस्थान में लगाई जाएंगी। इस संबंध में 11 नवंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें मूर्तियां लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। मूर्तियों की स्थापना के संबंध में संस्कृति निदेशालय ने संबंधित जिलों के डीएम व एसएसपी से नौ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।

जयललिता

अन्नाद्रमुक महासचिव एवं तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की आज 70वीं जयंती के अवसर पर यहां पार्टी मुख्यालय में पीतल की मूर्ति का अनावरण किया गया है और पार्टी के मुखपत्र को लोकार्पण किया गया। जयललिता के अलावा संयुक्त आंध्र प्रदेश में वाई एस राजशेखर रेड्डी की मूर्तियों के लगाई गई। साथ ही कांग्रेस के शासन काल में केंद्र और राज्य सरकारों ने देशभर में जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पी वी नरसिम्हा राव की मूर्तियां लगवाईं। लेकिन, इन मूर्तियों को लेकर न तो मीडिया और न ही याचिकाकर्ता ने कोई सवाल उठाया।

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