आपकी मौत के बाद भी 'जिंदा' रहेगा आधार नंबर, गलत इस्तेमाल रोकने के लिए करा सकते हैं लॉक

There is no provision to cancel Aadhaar even after death आधार कार्ड अब भारत में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आधार कार्ड पर 12 अंको का एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है जिसे केंद्र सरकार नियंत्रित करती है। यूआईडीएआई (UIDAI)से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 20 फरवरी 2019 तक लगभग 1.23 बिलियन लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं।

Money Bhaskar

Feb 25,2019 03:34:00 PM IST

नई दिल्ली। आधार कार्ड अब भारत में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आधार कार्ड पर 12 अंको का एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है जिसे केंद्र सरकार नियंत्रित करती है। यूआईडीएआई (UIDAI)से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 20 फरवरी 2019 तक लगभग 1.23 बिलियन लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए किसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक डेटा और डेमोग्राफिक डेटा लिया जाता है। हालांकि, एक बार बनने के बाद आधार कार्ड को ना तो रद्द किया जा सकता है और ना ही किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद आधार कार्ड को सरेंडर किया जा सकता है।

राज्यों में आधार धारकों की संख्या कुल आबादी से अधिक

आधार डेटाबेस में धारक की मृत्यु के बारे में जानकारी अपडेट करने का भी कोई प्रावधान नहीं है। इसी कारण भारत के कुछ राज्यों में आधार धारकों की संख्या कुल आबादी से अधिक है। उदाहरण के लिए दिल्ली में संतृप्ति स्तर 11.9 फीसदी है। अन्य शब्दों में कहा जाए तो, दिल्ली में कुल आबादी 18.34 मिलियन है जबकि आधार कार्ड की संख्या 21.84 मिलियन है। आधार कार्ड सरेंडर ना हो पाने के आभाव में यह बात जरूरी है कि कैसे कानून उत्तराधिकारी आधार की संख्या को सुनिश्चित कर सकते हैं और मृत लोगों के आधार का दुरुपयोग होने से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ खास बातें-

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