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Home » Economy » PolicyThere is no provision to cancel Aadhaar even after death

आपकी मौत के बाद भी 'जिंदा' रहेगा आधार नंबर, गलत इस्तेमाल रोकने के लिए करा सकते हैं लॉक

राज्यों में आधार धारकों की संख्या कुल आबादी से अधिक

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नई दिल्ली। आधार कार्ड अब भारत में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आधार कार्ड पर 12 अंको का एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है जिसे केंद्र सरकार नियंत्रित करती है। यूआईडीएआई (UIDAI)से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 20 फरवरी 2019 तक लगभग 1.23 बिलियन लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए किसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक डेटा और डेमोग्राफिक डेटा लिया जाता है।  हालांकि, एक बार बनने के बाद आधार कार्ड को ना तो रद्द किया जा सकता है और ना ही किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद आधार कार्ड को सरेंडर किया जा सकता है।

 

राज्यों में आधार धारकों की संख्या कुल आबादी से अधिक

 

आधार डेटाबेस में धारक की मृत्यु के बारे में जानकारी अपडेट करने का भी कोई प्रावधान नहीं है। इसी कारण भारत के कुछ राज्यों में आधार धारकों की संख्या कुल आबादी से अधिक है। उदाहरण के लिए दिल्ली में संतृप्ति स्तर 11.9 फीसदी है। अन्य शब्दों में कहा जाए तो, दिल्ली में कुल आबादी 18.34 मिलियन है जबकि आधार कार्ड की संख्या 21.84 मिलियन है। आधार कार्ड सरेंडर ना हो पाने के आभाव में यह बात जरूरी  है कि कैसे कानून उत्तराधिकारी आधार की संख्या को सुनिश्चित कर सकते हैं और मृत लोगों के आधार का दुरुपयोग होने से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ खास बातें-

 इस तरह रोक सकते हैं आधार का दुरुपयोग


यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्यूमेंट्स में इसकी पुष्टि की जा सकती है। लेकिन आधार कार्ड में यह विकल्प मौजूद नहीं होता है। यूआईडीएआई की वेबसाइट के मुताबिक, अभी  यूआईडीएआई के पास किसी व्यक्ति की मृत्यु की रिकॉर्डिंग का प्रावधान नहीं है क्योंकि यह  जीवित व्यक्ति को पहचान देने वाला एक साधन है। इसलिए ऐसे मामलों में यूआईडीएआई को सूचित नहीं किया जा सकता है। लेकिन यदि सुरक्षा कारणों के चलते  कोई अपने मृत रिश्तेदारों के आधार कार्ड का दुरुपयोग रोकने इसे बंद किया जा सकता है। 

 

 

 लॉकिंग बायोमेट्रिक्स


यूआईडीएआई में बायोमैट्रिक को लॉक करने का भी प्रावधान उपलब्ध होता है। आधार कार्ड देते समय व्यक्ति के फिंगर प्रिंट प्रमाणीकरण के लिए जाते हैं। एक बार बायोमेट्रिक्स लॉक हो जाने के बाद, एक विशिष्ट त्रुटि कोड 330 दिखाई देगा, यह दर्शाता है कि विशेष बायोमेट्रिक्स लॉक है। हालांकि, आप आधार कार्ड को डेस्कटॉप या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन लॉक कर सकते हैं।  ऐसा करने के लिए, UIDAI के होमपेज पर आधार सेवा टैब पर जाएं, और "लॉक / अनलॉक बायोमेट्रिक्स" लिंक पर क्लिक करें। यह आपको uidai.gov.in/biometric-lock पेज पर ले जाएगा।  इसके बाद  मृत व्यक्ति की प्रोफाइल में लॉग इन करें। ऊपर दाईं ओर "बायोमेट्रिक सेटिंग" चुनें। बायोमेट्रिक्स को लॉक करने के लिए, "इनेबल बॉयोमीट्रिक लॉक" के लिए चेक बॉक्स को सलेक्ट करें और इसे सेव कर लें। उसके बाद आपके फोन में एक वन टाइम पासवर्ड आएगा। एक बार ओटीपी डालने पर व्यक्ति का बायोमैट्रिक हमेशा के लिए लॉक हो जाएगा। 

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