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टाइपिंग की एक गलती का खामियाजा जानते हैं आप, डूब चुकी है 100 साल पुरानी कंपनी

एक छोटी सी चूक जानिए कैसे कुछ लोगो के लिए जानिए कैसे बनी भारी मुसीबत

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नई दिल्ली. टाइपिंग के दौरान किसी शब्द या कॉमा की गलती होना सामान्य सी बात है। हालांकि कई बार ये गलतियां काफी भारी पड़ जाती हैं। टाइपिंग के दौरान गलतियों से एक 100 साल पुरानी कंपनी न केवल बंद हो गई। वहीं लॉकहीड मार्टिन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। जानिए दुनिया की सबसे महंगी टाइपिंग मिसटेक्स के बारे में....  

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एक गलत कॉमा से डूबे करोड़ों डॉलर
1990 के दशक में मिलिट्री प्लेन बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने सी -130 जे ट्रांसपोर्ट प्लेन का सौदा एक विदेशी एयरफोर्स के साथ किया था। कंपनी द्वारा जून 1999 में जारी स्टेटमेंट के मुताबिक उन्हें एक गलत कॉमा की वजह से 7 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ, जो उस वक्त 304 करोड़ रुपए के बराबर थे। इससे कंपनी लगातार दूसरे क्वार्टर में भी नुकसान उठाना पड़ा। 
 
आगे जानिए-कैसे एक गलत कॉमा से डूबे करोड़ों
 
एक ‘S’ की गलती ने डुबो दी 100 साल पुरानी कंपनी
ब्रिटेन की सरकारी एजेंसी ‘कंपनीज हाउस’ की एक शब्द की गलती से सौ साल पुरानी एक कंपनी डूब गई। ब्रिटेन में कंपनियों के लिए रजिस्ट्रार के तौर पर काम करने वाली कंपनीज हाउस ने 2009 में एक नोट जारी किया कि कंपनी टेलर एंड संस बंद हो गई है। हालांकि यह कंपनी टेलर एंड ‘सन’ थी न कि ‘संस’। जानकारी सामने आते ही टेलर एंड संस को ऑर्डर देने वाली बड़ी कंपनियों ने अपने ऑर्डर कैंसिल कर दिए। द गार्जियन के मुताबिक ऑर्डर देने वाली कंपनियों में टाटा स्टील भी शामिल थी। टाटा स्टील से टेलर एंड संस को हर महीने 4 लाख पाउंड की आय होती थी।
 
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कीमतों के फार्मूले में गलत जगह लगा था कॉमा
कंपनी और खरीददार के बीच यह कॉन्ट्रैक्ट कई साल का था, लंबी अवधि में महंगाई के असर का अनुमान लगाकर कीमतों के लिए एक फार्मूला बनाया गया था। हालांकि समझौते के पेपर में इस फार्मूले को लिखते वक्त कॉमा गलती से एक अंक पहले लग गया। यानी कंपनी ने प्लेन के लिए जितनी रकम का अनुमान लगाया था, समझौते में गलती की वजह से कंपनी को कम रकम मिली। लॉकहीड मार्टिन ने  नतीजों के बाद जारी स्टेटमेंट में इस गलती को स्वीकार किया, लेकिन शर्तों के मुताबिक यह नहीं बताया कि वह विदेशी एयर फोर्स कहां की थी।
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