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Home » Economy » Policythe Budget of the Gangasagar Mela is more than 100 crores

इस बार गंगासागर मेले का बजट 100 करोड़ रुपए है, मिलेंगी ये सभी सुविधाएं, नहीं होगी कैश की दिक्कत

14-15 जनवरी को गंगासागर में डुबकी लगाएंगे 40 लाख श्रद्धालु

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नई दिल्ली। भारत की नदियों में सबसे पवित्र नदी गंगा, गंगोत्री से निकल कर पश्चिम बंगाल में जहां सागर से मिलती है, उस स्थान को गंगासागर कहते हैं। यह स्थान देश में आयोजित होने वाले तमाम बड़े मेलों में से एक, गंगासागर मेला, के लिए सदियों से विश्व विख्यात है। यहां मकर संक्रांति के मौके पर दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर आते हैं और सागर-संगम में पुण्य की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि गंगासागर की तीर्थयात्रा सैकड़ों तीर्थयात्राओं के समान है। इसकी पुष्टि एक प्रसिद्ध लोकोक्ति से होती है, जिसमें कहा गया है, “सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार”। हालांकि यह उस ज़माने की बात है, जब यहां पहुंचना बहुत कठिन था। आधुनिक परिवहन और संचार साधनों से अब यहां आना सुगम हो गया है। एक आकलन के मुताबिक इस साल यहां लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। इस साल का बजट 100 करोड़ के आसपास है।

 

नहीं होगी नकदी की किल्लत

गंगासागर के आउटट्राम घाट शिविर में आकर ठहरने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार नकदी की किल्लत नहीं होगी। रुपए निकालने के लिए उन्हें ATM की तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं होगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने शिविर में अपना अस्थाई एटीएम काउंटर लगाया है। बता दें कि पहली बार यहां किसी बैंक ने एटीएम कांउटर को खोला है। मेले में एसबीआई की दाे मशीनें होंगी। 9 जनवरी से यह सामान्य एटीएम की तरह काम करना शुरू कर देंगी।

 

क्लाॅक रूम की होगी सुविधा

अक्सर देखा जाता है कि मेले में श्रद्धालुओं का सामान गुम होने की शिकायत आती है। इसको ध्यान में रखते हुए इस बार मेले में रेलवे स्टेशन की तरह क्लाॅक रूम की भी व्यवस्था की गई है। सामान रखने के लिए श्रद्धालुओं को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

 

 

बनेगा सुपर क्लीन मेला

 

सूत्रों के मुताबिक, इस साल मेले को सुपर क्लीन मेले में तब्दील किया जाएगा। सफाई की खास व्यवस्था होगी। कचरा उठाने के लिए 40 से अधिक ई-कार्ट्स होंगे। कचरा फेंकने के लिए जगह-जगह 5,000 कूड़ेदानों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, 10,000 से अधिक शौचालयों का निमार्ण किया जाएगा। मेले की निगरानी के लिए 20 ड्रोन तैनात किए जाएंगे।

 

 

 

कैसे पहुंचे गंगासागर

 

गंगासागर पहुंचना काफी आसान हो गया है। यहां सड़क, रेल दोनो मार्गों से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। गंगासागर के लिए कोलकाता के आउटट्राम घाट, बाबूघाट से सीधी बस चलती है। अगर आप ट्रेन से जाते हैं तो कोलकाता रेलवे स्टेशन से गंगासागर पहुंचने में आपको तीन-चार घंटे का समय लगेगा। इसके लिए आपको पहले बस या टैक्सी लेनी होगी और इसके बाद मुरीगंगा नदी को पार करने के लिए आपको फेरी यानी नाव लेनी होगी। कोलकाता से आप नामखाना के लिए बस यह ट्रेन ले सकते हैं। दोनों ही जगह से आप फेरी वाले पॉइंट पर पहुंच जाएंगे। 

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