Home » Economy » PolicyMade-in-India 180 kmph Train-18 to run from September, what are Indian Railways Train 18 special features

भारतीय रेलवे ने बनाई अमेरिका-जापान जैसी आधुनिक ट्रेन, अगले महीने से होगा ट्रायल

180 kmph की टॉप स्पीड वाली यह ट्रेन दोनों दिशाओं में चल सकेगी......

1 of

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे भी आने वाले समय में अमेरिका, चीन जापान की तरह ही इंजन लेस ट्रेन दौड़ाने जा रही है। ट्रेन-18 नाम की यह ट्रेन पूरी तरह बनकर तैयार है। इसी साल के बजट में  इस खास ट्रेन की घोषणा की गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा। सब अर्बन ट्रेनों, जिन्हें आमतौर पर लोकल, मयू या मेट्रो भी कहा जाता है, की तरह इस ट्रेन के दोनों छोर पर मोटर कोच होंगे। सीधी भाषा में कहें तो यह ट्रेन दोनों दिशाओं में चल सकेगी।  यह एक सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन होगी। भविष्य में शताब्दी जैसी ट्रेनों को हटाकर ट्रेन 18 चलाने की योजना है। अगले महीने मुंबई-अहमदाबाद रूट पर इसका ट्रायल शुरू हो सकता है। इसी रूट पर गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन को भी दौड़ाया जाता है।  

भारतीय रेलवे का चेहरा बदल सकती है यह ट्रेन
माना जा रहा है कि इस ट्रेन के बेड़े में शामिल होने के बाद भारतीय रेलवे अपने पैसेंजर्स के सुविधाओं और एक्सपीरियंस को नेक्स्ट लेवल पर ले माने में कामयाब होगी। रेलवे को उम्मीद है कि यह ट्रेन दुनियाभ में भारतीय रेलवे की ब्रांड इमेज को तब्दील करने में भी कामयाब होगी। यह ट्रेन पूरी तरह से एसी होगी, सभी कोच एक दूसरे से कनेक्टेड होंगे। इसकी टॉप स्पीड 180  kmph होगी।   इसी स्पीड पर इसका ट्रायल भी किया जाएगा। माना जा रहा कि इस ट्रेन के ऑपरेशन में आने के बाद पैसेंजर्स के ट्रेवल टाइम में 20 फीसदी की कमी आएगी।

 

जुलाई में थी योजना पर नहीं शुरू हो पाया समय पर ट्रायल

बता दें कि रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन-18 टाइप की पहली ट्रेन का जुलाई में ट्रायल रन करने की योजना बनाई थी,  हालांकि बेंडर्स की देरी के चलते इसमें करीब 2 महीने की देरी हो गई। इस अब अगले महीने पेटरियों पर उतारा जाएगा।  ट्रेन 18 को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में तैयार किया जा रहा है। इस प्रॉजेक्ट के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अब तक 120 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं।  

 

आगे पढ़ें- इम्पोर्ट से आधे खर्च में तैयार हुई ट्रेन

 

 

 

 

 

इम्पोर्ट से आधे खर्च में तैयार हुई ट्रेन

ट्रेन 18 को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया जा रहा है।  ICF का दावा है कि Train 18 बेहद किफायती भी है। इस तरह की सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन को विदेश से इम्पोर्ट करने में जितना खर्च आता है, उसके आधे खर्च में इस ट्रेन का निर्माण किया गया है।  स्टेनलेस स्टील की बॉडी वाली इस ट्रेन के डिजाइन आईसीएफ ने तैयार किए हैं। इस ट्रेन में वाई-फाई, एलईडी लाइट, पैसेंजर इनफर्मेशन सिस्टम और पूरे कोच में दोनों दिशाओं में एक ही बड़ी सी खिड़की होगी। अधिकारी ने बताया कि इस ट्रेन में सिर्फ बैठने की सुविधा होगी।

 

यह भी पढ़ें- एक ट्रेन में होंगे 16 कोच


एक ट्रेन में होंगे 16 कोच
 रेल मंत्रलाय ने 16 कोच के दो रैक्स का ऑर्डर  ICF को दिया है। हर एक कोच लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत आई है।इसमें दो तरह के चेयरकार टाइप कोच एग्जीक्यूटिव और नॉनएग्जीक्यूटिव होंगे। 16 कोच की पूरी ट्रेन में 14 नॉनएग्जीक्यूटिव और 2 एग्जीक्यूटिव कोच लगे होंगे। एग्जीक्यूटिव कोच में अधिकतम 56 यात्री तथा नॉनएग्जीक्यूटिव  कोच में 78 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।  ट्रेन-18 के बाद ट्रेन-20 को तैयार किया जाएगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट