निजी कंपनियों की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा, कर्मचारियों को होगा ज्यादा फायदा

Supreme court orders special allowance are the part of basic salary for epf computation: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इन विशेष भत्तों को मूल वेतन का ही हिस्सा माना जाए। कोर्ट ने यह आदेश विशेष भत्तों पर पीएफ कटौती से जुड़े एक सवाल पर दिया है।

Money Bhaskar

Mar 02,2019 12:17:00 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निजी कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए कर्मचारियों को दिए जाने वाले विशेष भत्तों पर बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इन विशेष भत्तों को मूल वेतन का ही हिस्सा माना जाए। कोर्ट ने यह आदेश विशेष भत्तों पर पीएफ कटौती से जुड़े एक सवाल पर दिया है।

ये है पूरा मामला
कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 12 फीसदी हिस्सा सामाजिक सुरक्षा मद में देना होता है। इतना ही योगदान कंपनियों को करना होता है। ईपीएफओ का मानना है कि कंपनियां कम योगदान के चक्कर में कर्मचारियों का मूल वेतन कम करके विशेष भत्तों में ज्यादा सैलरी देती हैं। भविष्य निधि आयुक्त ने विशेष भत्तों को मूल वेतन में जोड़कर पीएफ कटौती करने का आदेश दिया था। इस फैसले को कई निजी कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सवाल खड़ा हुआ कि एंप्लाइज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजंस एक्ट-1952 के तहत पीएफ कटौती के लिए विशेष भत्तों को मूल वेतन से जोड़ा जाए या नहीं। इसी सवाल के जवाब में कोर्ट ने विशेष भत्तों को मूल वेतन में जोड़ने का आदेश दिया है।

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