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एयर इंडिया बेचने के फैसले पर सुब्रमण्यम स्‍वामी ने उठाए सवाल, कहा - स्‍कैम की आशंका

AI के बेचने के फैसले पर सुब्रमण्यम स्‍वामी ने उठाए सवाल, कहा - स्‍कैम की आशंका

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नई दिल्‍ली। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एअर इंडि‍या के वि‍नि‍वेश को एक और संभावि‍त घोटाला करार देते हुए कहा कि‍ अगर उन्‍हें इसमें कुछ गड़बड़ी दि‍खी तो वह इसके खि‍लाफ क्रि‍मि‍नल कंप्‍लेंट करेंगे। सरकार एयर इंडिया की 76 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने की तैयारी में है। 

क्‍या कहा स्‍वामी ने 

बीजेपी लीडर सुब्रमण्यम स्‍वामी ने ट्वीट कर कहा, ‘एयर इंडिया की प्रस्तावित बिक्री में संभावित रूप से एक और स्‍कैम चल रहा है। कमाऊ कंपनी की बिक्री कोई डिसइन्‍वेस्‍टमेंट नहीं है। मैं नजर रख रहा हूं कि कौन क्या कर रहा है। अगर मुझे कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो मैं प्राइवेट  क्राइम लॉ कंम्‍पलेंट दर्ज कराऊंगा।’ 

 

सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है 

 

इससे पहले केंद्र सरकार ने एयर इंडिया के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस (AIXL) और एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसिस (AISATS) में उसकी स्‍टेक के स्‍ट्रैटेजिक इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए बुधवार को ‘रुचि की अभिव्यक्ति’ (EoI) आमंत्रित किया था। प्राइमरी इन्‍फॉर्मेशन मेमोरेंडम (PIM) में कहा गया, ‘भारत सरकार ने एयर इंडिया के स्‍ट्रैटजिक विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इसमें AIXL और AISATS में एयर इंडिया की हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल है।’ 

 

45 फीसदी कम हुआ घाटा 


आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो तीन सालों से एयर इंडिया का घाटा कम हो रहा था। साल 2013-14 में एयर इंडिया का घाटा 6279 करोड़ रुपए था, जो 2016-17 में घटकर 3643 करोड़ तक पहुंच गया। 

 

 

बिकेंगी तीन कंपनियां 


एयर इंडिया के साथ उसकी दो सहायक कंपनियों को इस विनिवेश कर रही है। आइए, जानते हैं इन तीन कंपनियों की कैपेसिटी क्‍या है।

 
क्‍या है कैपेसिटी 


एयर इंडिया : 115 एयरक्राफ्ट 
एयर इंडिया एक्‍सप्रेस : 23 बोइंग एरो 
एआईएसएटीएस : 6 एयरपोर्ट में ग्राउंड हैंडलिंग 

 

 

31 मार्च 2017 तक एयर इंडिया पर कुल बकाया 


एनसीडी ( गर्वनमेंट गारंटी) : 13600 करोड़ 
फाइनेंस लीज : 7445 करोड़ 
एफआरपी टर्म लोन : 12135 करोड़ 
वर्किंग कैपिटल लोन : 11552 करोड़ 
बिल डिस्‍काउंटिंग : 334 करोड़ 
कुल : 48781 करोड़ रुपए 

 

एयर इंडिया एक्‍सप्रेस पर कुल बकाया 


एनसीडी : 95 करोड़ 
लीज ऑलिगेशन : 1113 करोड़ 
बायर्स क्रेडिट : 324 करोड़ 
ओवरड्राफ्ट : 392 करोड़ 
टर्म लोन : 673 करोड़ 
कुल : 2598 करोड़ 

 

यह है एयर इंडिया की कहानी 


1932  जेआरडी टाटा द्वारा टाटा एयरलाइंस की स्थापना
1948  सरकार ने 49 फीसदी हिस्सेदारी का किया अधिग्रहण, एयर इंडिया इंटरनैशनल के तौर पर परिचालन शुरू
1953  सरकार ने कंपनी में 100 फीसदी हिस्सेदारी ले ली
1962  एयर इंडिया इंटरनैशनल का नाम बदलकर एयर इंडिया किया गया
2000  अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस में विनिवेश के प्रस्ताव को दी मंजूरी
2007  एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस का नैशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया के नाम से विलय
2012  यूपीए सरकार ने एयर इंडिया में वर्ष 2021 तक 30,000 करोड़ रुपए पूंजी डालने के प्रस्ताव को दी मंजूरी
2017  एनडीए सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश को दी सैद्धांतिक मंजूरी
2018  एयर इंडिया की 76 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने का फैसला 

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