Home » Economy » PolicySoon all trains to have fix 22 coaches and to make them suitable to run on any route

हर ट्रेनों में होंगे 22 कोच, किसी भी रूट पर चलने को रहेंगी तैयार

सर्दियों में कोहरे की वजह से ट्रेनों के लेट या फिर रद्द होने की खबरें अकसर आती रहती हैं।

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नई दिल्ली । सर्दियों में कोहरे की वजह से ट्रेनों के लेट या फिर रद्द होने की खबरें अकसर आती रहती हैं। लेकिन अब इससे निजात मिलने की संभावना है। दरअसल, भारतीय रेल ट्रेनों को स्टैंडर्ड बनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत ट्रेनों में कोचों की संख्या को समान कर दिया जाएगा। ऐसा करने से कोई भी ट्रेन किसी भी रूट पर चल पाएगी।  रेल मंत्री ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

 

सभी ट्रेनों में 22 कोच 


रेल मंत्री ने कहा, 'सभी ट्रेनों में 22 कोच होंगे, प्लैटफॉर्म्स की लंबाई को बढ़ाया जाएगा और अन्य बदलाव भी किए जाएंगे। इंजिनियरिंग विभाग इस पर काम कर रहा है।' अभी भारतीय ट्रेनों में दो तरह के कोच होते हैं ICF और LHB। डिमांड के मुताबिक ट्रेनों में अभी 12, 16, 18, 22 और 26 कोच होते हैं जिस कारण रेलवे किसी ट्रेन के लेट होने पर किसी और खड़ी ट्रेन को उसके नाम से नहीं चला पाती और मुख्य ट्रेन का आने का ही इंतजार करना पड़ता। 

 

यह है योजना 


एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया, 'अगर सभी ट्रेनों में कोच की संख्या बराबर होगी तो हम उन ट्रेन को भी भेज सकेंगे जो स्टेशन पर आ चुकी हो और मेंटेनेंस का काम पूरा हो चुका हो। इसका फायदा ये होगा कि ऑरिजनल ट्रेन के आने और ऑपरेशन के लिए तैयार होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।' ट्रेन लेट होने पर किसी और ट्रेन को भेजा जा सकेगा। 


300 ट्रेनों और रूट्स की पहचान 


उन्होंने बताया कि रेलवे ने पहले फेज में 300 ट्रेनों और उनके रूट्स की पहचान की है। जुलाई में पब्लिश होने वाले नए टाइम-टेबल में इन बदलावों को देखा जा सकेगा। अधिकारी ने कहा, 'स्टैंडर्ड ट्रेनों की कंपोजिशन एक सी होगी यानी उनमें जनरल, स्लीपर, एसी कोचों की संख्या एक होगी, जिससे वह किसी भी रूट पर चल सकेंगी।' 

 

मैनलाइन और बिजी रहने वाले रूट्स 

 

पहले फेज में 300 ट्रेनों और उनके रूट्स की पहचान की गई है, यह मैनलाइन और बिजी रहने वाले रूट्स हैं। अधिकारी ने कहा कि इस प्लान को सफल बनाने के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। जिसमें प्लैटफॉर्म्स की लंबाई बराबर करना, वॉशिंग लाइनें बनाना शामिल है। 

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