बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyमल्टीब्रांड रिटेल में ई-कॉमर्स के जरिए आ रही है अमेरिका व चीन की कंपनियां, फेमा के तहत जांच की मांग

मल्टीब्रांड रिटेल में ई-कॉमर्स के जरिए आ रही है अमेरिका व चीन की कंपनियां, फेमा के तहत जांच की मांग

स्वदेशी जागरण मंच का आरोप- अधिकारियों और विदेशी कंपनियों में हो रही सांठगांठ...

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नई दिल्ली। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अश्विनी महाजन ने मनी भास्कर को बताया कि यूपीए की सरकार में जिन चीजों का विरोध किया गया, वहीं चीजें अब दूसरे तरीके से दोहराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट एवं अमेजॉन-आदित्य बिड़ला डील से विदेशी कंपनियां ई-कॉमर्स के माध्यम से मल्टीब्रांड रिटेल कारोबार में आ जाएंगी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में बैठे अधिकारियों की इन विदेशी कंपनियों के साथ सांठगांठ की वजह से इस प्रकार की डील हो रही है। भारत में मल्टी ब्रांड रिटेल में विदेशी कंपनियों को निवेश की इजाजत नहीं है।

 

 

फेमा के तहत जांच की मांग
महाजन ने बताया कि रेगुलेटर औऱ पॉलिसी मेकर के बीच समन्वय नहीं होने की वजह से वालमार्ट-फ्लिपकार्ट जैसी डील हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को उन्होंने इस प्रकार की डील की फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत जांच कराने की मांग की है। इस पर आरबीआई की तरफ से उनके पास जवाब आया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच करने पर ही विदेशी कंपनियों की डील पर फेमा के तहत जांच हो सकती है।
 

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