Home » Economy » PolicyCPI for the month of january 2018 and IIP Growth for December 2017

जनवरी में रिटेल महंगाई दर 5.07% पर, दिसंबर में IIP ग्रोथ 7.1% हुई

जनवरी 2018 में रिटेल महंगाई दर 5.07 फीसदी पर आ गई।

1 of

नई दिल्‍ली. फूड इन्‍फ्लेशन में गिरावट के चलते जनवरी 2018 में रिटेल महंगाई दर घटकर 5.07 फीसदी पर आ गई। दिसंबर में यह 5.21 फीसदी पर दर्ज की गई थी। वहीं, पिछले साल जनवरी में रिटेल महंगाई का आंकड़ा 3.17 फीसदी पर दर्ज किया गया था। रिटेल महंगाई में गिरावट की मुख्‍य वजह फूड इन्‍फ्लेशन यानी खाने-पीने की चीजों की कीमतों में गिरावट रही। रिटेल खाद्य महंगाई दर इस साल जनवरी में 4.70 फीसदी रही, जो दिसंबर 2017 में 4.96 फीसदी थी। वहीं, दिसंबर 2017 में आईआईपी ग्रोथ 7.1 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि एक साल पहले समान महीने में यह आंकड़ा 2.4 फीसदी रहा था। 

 

17 महीने के टॉप से खिसकी ग्रोथ

नवंबर में आईआईपी ग्रोथ शानदार रही थी, जब वह अपने 17 महीनों के टॉप 8.4 फीसदी पर पहुंच गई है। अक्टूबर में आईआईपी 2.2 फीसदी पर गई थी जो 3 महीने के निचला स्तर था। वहीं, सितबंर में यह ग्रोथ 4.14 फीसदी रही थी।

 

खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटी

जनवरी 2018 में खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटी है। खाद्य महंगाई दर दिसंबर के 4.96 फीसदी से घटकर जनवरी में 4.70 फीसदी रही है। इसी तरह, जनवरी में फ्यूल, बिजली की महंगाई दर गिरकर 7.7 फीसदी पर आ गई, जो दिसंबर में 7.9 फीसदी थी। 

 

अनाज, सब्जियां हुईं सस्‍ती 

अनाजों की खुदरा महंगाई दर गिरकर 2.33 फीसदी रह गई। दिसंबर में यह 2.57 फीसदी थी। वहीं, सब्जियों की महंगाई दर 29.13 फीसदी से घटकर 26.97 फीसदी पर रही। कपड़ों और जूतों की महंगाई दर 4.8 फीसदी से बढ़कर 4.9 फीसदी हो गई। जनवरी में कोर महंगाई दर 5.1 फीसदी पर बरकरार रही। 

 

दिसंबर में 16 महीने के रिकॉर्ड हाई पर थी महंगाई 

दिसंबर में खाने-पीने की चीजें महंगी होने से रिटेल महंगाई दर 5.21 फीसदी पहुंच गई थी, जो 16 महीने का रिकॉर्ड लेवल रहा। खाद्य महंगाई दर दिसंबर 2017 में 4.96 फीसदी पर आ गई थी। 

 

कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ

- दिसंबर 2017 में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ बढ़कर 8.4 फीसदी हो गई, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 0.6 फीसदी रहा था।

- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ 0.9 फीसदी रही है, जबकि एक साल पहले यानी दिसंबर 2016 में इसमें 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

- इन्फ्रास्ट्रक्चर गुड्स सेक्टर में 6.7 फीसदी की ग्रोथ रही, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 5.5 फीसदी रहा था।

- इंटरमीडिएट गुड्स की ग्रोथ 6.2 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले समान अवधि में ग्रोथ 2.1 फीसदी ही रही थी।

- दिसंबर 2017 में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ 16.4 फीसदी रही थी, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 6.2 फीसदी की गिरावट रही थी।

- हालांकि प्राइमरी गुड्स की में सुस्ती दर्ज की गई। दिसंबर में इस सेक्टर की ग्रोथ 3.7 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले समान महीने में यह ग्रोथ 7.4 फीसदी रही थी।

- इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की बात करें तो दिसंबर में इसकी ग्रोथ घटकर 4.4 फीसदी रह गई, जबकि एक साल पहले समान महीने में ग्रोथ 6.4 फीसदी रही थी।

- माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ घटकर 1.2 फीसदी रह गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 10.8 फीसदी रही थी।

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट