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RBI मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज से, ब्याज दरों में हो सकती है कटौती

मुद्रास्फीति में नरमी के कारण हो सकती है दरों में कमी

RBI monitory policy committee meeting starts from today

RBI monitory policy committee meeting starts from today: नीतिगत ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक आज से होगी। बढ़ती महंगाई के मद्देनजर इसमें ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कई विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक सुधारों को बढ़ाने के लिए आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है।

नई दिल्ली। नीतिगत ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक आज से होगी। बढ़ती महंगाई के मद्देनजर इसमें ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कई विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक सुधारों को बढ़ाने के लिए आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है। 

नए वित्त वर्ष में पहली बैठक
सोमवार से शुरू हुए वित्त वर्ष में एमपीसी की यह पहली बैठक है। समिति दो दिन से ज्यादा की गहन चर्चा के बाद 04 अप्रैल को नीतिगत दरों पर फैसला लेगी और बयान जारी करेगी। यह रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांता दास की अध्यक्षता में एमपीसी की दूसरी बैठक है। पहली बैठक के बाद 07 फरवरी को उन्होंने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की थी। लेकिन, इस बीच महंगाई दर के ग्राफ में बदलाव आया है। चार महीने लगातार गिरावट के बाद फरवरी में महंगाई दर में तेजी देखी गयी। मार्च में भी सब्जियों और फलों के दाम बढ़े हैं। इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है। 

महंगाई को लेकर सरकार और RBI के बीच है समझौता
पिछले वित्त वर्ष में दो बार ब्याज दर बढ़ाई गई थी और एक बार इसमें कटौती की गई थी जबकि तीन बार दरें स्थिर रखी गई थीं। अप्रैल, अक्टूबर और दिसंबर में ब्याज दरें स्थिर रखी गई थीं। जून और अगस्त में इनमें 0.25-0.25 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। फरवरी में ब्याज दर 0.25 प्रतिशत घटाई गई थी। सरकार और रिजर्व बैंक के बीच महंगाई को लेकर जो समझौता है उसके अनुसार, दीर्घावधि में महंगाई दर को चार प्रतिशत पर रखना रिजर्व बैंक की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, इसमें दो प्रतिशत घट-बढ़ की छूट दी गई है जिससे उस पर ब्याज दरों को दो से छह फीसदी के बीच रखने की जिम्मेदारी है। 

विशेषज्ञों ने जताई रेपो रेट में कटौती की संभावना
कुछ विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि RBI रेपो रेट में कटौती कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेपो दर में कटौती से चुनावी मौसम में कर्ज लेने वालों को राहत मिलेगी। रेटिंग कंपनी इक्रा ने कहा कि हम इस सप्ताह होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।

 आनंद राठी शेयर्स एंड स्टाक ब्रोकर्स के मुख्य अर्थशास्त्री तथा कार्यकारी निदेशक सुजन हाजरा ने कहा कि कमजोर वृद्धि परिदृश्य तथा मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए रिजर्व बैंक की अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में कटौती नहीं होने का कोई कारण नहीं है। मुझे लगता है कि सवाल यह है कि क्या बैंक ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत से अधिक कटौती करेगा।

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