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Home » Economy » PolicyRatan Tata celebrating 81 st birthday today, Tata lives in the Bachelor flat filled with books and dogs

शर्मीले स्वाभाव के रतन टाटा किताबों के साथ बैचलर फ्लैट में रहते हैं, आज मना रहे हैं 81वां जन्मदिन

आमदनी का आधा हिस्सा कर देते हैं दान

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नई दिल्ली। 28 दि‍संबर 1937 को जन्‍में रतन टाटा आज 81 साल के हो गए हैं। रतन टाटा पूरी दुनिया के टॉप अमीरों की गिनती में आते हैं और वो चाहे तो सबसे उपर उनका ही नाम होता मगर वो अपनी आमदनी का आधे से भी ज्यादा हिस्सा दान कर देते हैं। रतन टाटा एक बेहद बड़े मशहूर व्यवसायी है, उनका इतना बड़ा सफ़र उन्होंने बड़ी ही मेहनत और लगन से तय किया है। वे अपने दरियादिली के लिए भी जाने जाते हैं। वास्तव में देखें तो वे विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक है। बता दें कि रतन टाटा शर्मीले स्वभाव के व्यक्ति हैं जो झूठी चमक दमक में विश्वास नहीं करते हैं। वे साल 1991 से लेकर साल 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे। टाटा सालों से मुम्बई के कोलाबा में किताबों एवं पालतू कुत्तों के साथ बैचलर फ्लैट में रहते हैं। 

 

रतन टाटा के पास इतने शेयर्स हैं

रतन टाटा कंपनी के दूसरे कर्मचारि‍यों की तरह है और वह इसके मालि‍क नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रतन टाटा के पास कंपनी में 3,368 शेयर्स हैं। इसी तरह, शापोरजी मि‍स्‍त्री के पास 108 शेयर्स, साइरस मि‍स्‍त्री का इन्‍वेस्‍टमेंट 37,120 शेयर्स और सर दोराबजी टाटा ट्रस्‍ट के पास 11,3067 शेयर्स हैं।

 

 

 

इसलिए वे अमीरों की लिस्ट में नहीं आते हैं

यही सवाल एक रिपोर्टर ने भी पूछा था। जवाब मिला कि वो व्यापारी नहीं उद्योगपति हैं। टाटा संस को टाटा ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है, इसमें किसी एक आदमी की हिस्सेदारी नहीं होती है। टाटा की कमाई का 66% हिस्सा इसी ट्रस्ट में जाता है। रतन टाटा के रिटायरमेंट के बाद टाटा संस को तय करना पड़ा कि नया चेयरमैन कौन बनाया जाए जबकि अंबानी की बात की जाए तो उनका अपने बिजनेस पर मालिकाना हक है। उनका बिजनेस या तो बेटे या बेटी के हाथ में ही जाएगा। अकेले आदमी की कंपनी न होने की वज़ह से रतन टाटा सबसे अमीर आदमी नही हैं। 

 

 

 

 

बेहद साधारण परिवार से हैं टाटा

 

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को भारत के सूरत शहर में पिता नवल (रतनजी टाटा द्वारा गोद लिया हुआ बेटा) और माता सोनू (soonoo) के घर हुआ था। इनका धर्म पारसी हैं जब रतन टाटा 10 साल के थे तो इनके माता-पिता अलग हो गए थे।तब जमशेदजी के बेटे रतनजी टाटा की पत्नी नवाजबाई (रतन टाटा की दादी) ने इन्हें गोद ले लिया था और पालन-पोषण किया।

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई Cathedral and John Connon School (मुंबई) और Bishop Cotton School (शिमला) से पूरी की, फिर वास्तुकला में B.S की पढ़ाई पूरी करने के लिए सन् 1962 में Cornell University चले गए। फिर 1975 में Harvard Business School से Advanced Management Program की पढ़ाई पूरी की।

 
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