160 किमी/घंटे की रफ्तार से Delhi-NCR में दौड़ेगी रैपिड रेल, 25,000 करोड़ की लागत

Rapid rail approval of dpr of Delhi NCR corridor बहुत जल्द ही दिल्ली से मेरठ, गाजियाबाद, गुड़गाव, रेवाड़ी और अलवर जाना आसान हो जाएगा। रैपिड रेल की180 किलोमीटर लंबी दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर योजना ने गति पकड़ ली है। गुरुवार को एनसीआर परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को हरी झंडी दिखा दी गई है। अब यह डीपीआर राज्यों की स्वीकृति के लिए दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकार को भेजी जाएगी।इस कॉरिडोर पर 24,975 करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है और इसमें से 20 फीसदी राशि केंद्र सरकार और इतनी ही राशि राज्य सरकारें देंगी। इसके अलावा 60 फीसदी हिस्से की राशि लोन के जरिए जुटाई जाएगी।

Money Bhaskar

Dec 08,2018 01:20:00 PM IST

नई दिल्ली. बहुत जल्द ही दिल्ली से मेरठ, गाजियाबाद, गुरुग्राम और अलवर जाना आसान हो जाएगा। रैपिड रेल की 180 किलोमीटर लंबी दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को एनसीआर परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को हरी झंडी दिखा दी गई है। अब यह डीपीआर राज्यों की स्वीकृति के लिए दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकार को भेजी जाएगी। इस कॉरिडोर पर 24,975 करोड़ रुपए खर्च आने की उम्मीद है और इसमें से 20 फीसदी राशि केंद्र सरकार और इतनी ही राशि राज्य सरकारें देंगी। इसके अलावा 60 फीसदी हिस्से की राशि लोन के जरिए जुटाई जाएगी।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी

इस कॉरिडोर पर 124 किलोमीटर ट्रैक ऐलीवेटेड तथा 56 किलोमीटर ट्रैक भूमिगत होगा। दिल्ली से अलवर के बीच रैपिड रेल ट्रैक पर कुल 19 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से नौ स्टेशन भूमिगत और दस स्टेशन ऐलीवेटेड बनाए जाएंगे। 71 किलोमीटर का ट्रैक एलिवेटेड होगा, जबकि 35 किलोमीटर का अंडरग्राउंड होगी। इस ट्रैक पर औसतन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टेनें दौड़ेंगी। कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से अलवर के बीच 180 किलोमीटर की दूरी तय करने में महज 104 मिनट का समय लगेगा। पहले चरण में 106 किलोमीटर हिस्से (सराय काले खां से शाहजहांपुर नीमराना बहरोड तक) का निर्माण होगा। रैपिड रेल नौ कोच की होगी और 5 से 10 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी।

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यहां कर पाएंगे इंटरचेंज

 

एनसीआरटीसी का कहना है कि इस कॉरिडोर को दिल्ली समेत दूसरे क्षेत्रों में इस तरह से प्लान किया गया है कि इसके स्टेशनदूसरे ट्रांसपोर्ट मोड के साथ जुड़ सकें। दिल्ली में सराय काले खां पर इसका स्टेशन होगाजो हजरत निजामूद्दीन रेलवे स्टेशन और वहीं बने मेट्रो व बस अड्डे से भी जुड़ेगा। इस लाइन का एक स्टेशन जोरबाग मेट्रो के समीप होगा। मुनीरका और एरोसिटी मेट्रो स्टेशन से भी इस लाइन के स्टेशन जुड़ेंगे। गुड़गांव में उद्योग विहार स्टेशन पर रैपिड मेट्रो और प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। खड़की दौला स्टेशन पर प्रस्तावित बावल मेट्रो स्टेशन और प्रस्तावित बस टर्मिनलपंचगांव में प्रस्तावित मल्टी बॉडल हब और बावल स्टेशन पर बावल बस स्टैंड से इंटरचेंज की सुविधा होगी।

 

निर्माण में साल लगेगा समय लगेगा

दिल्ली-अलवर कॉरिडोर की डीपीआर पर अब राज्य सरकारों की मंजूरी मिलते ही इसपर काम शुरु कर दिया जाएगा।बताया गया है कि इसके निर्माण में पांच साल का समय लगेगा।

 

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दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर में फंड की किल्लत 

 

अभी दिल्ली सरकार ने दिल्ली-मेरठ के पहले कॉरिडोर को भी फंड की किल्लत व एलिवेटेड पर आपत्ति जताते हुए मंजूरी नहीं दी है। 90 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हो जाना था। दिल्ली -मेरठ के इस कॉरिडोर पर 18 स्टेशन होंगे। 30 किलोमीटर का ट्रैक भूमिगत, जबकि 60 किलोमीटर का एलिवेटेड बनाया जाएगा।

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