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राहुल गांधी की 72000 रु देने की योजना देश पर बोझ, हो सकती है फ्लॉपः पनगढ़िया

अरविंद पनगढ़िया उसी नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष रह चुके हैं, जिसे राहुल गांधी ने सरकार बनने खत्म करने का ऐलान किया है।

Arvind Panagariya Ex Vice Chairman NITI Aayog on NYAY

Arvind Panagariya Ex Vice Chairman NITI Aayog on NYAY: पीएम मोदी ने नीति आयोग को बड़े जोरशोर से शुरू किया था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया को नीति का पहला चेयरमैन बनाया गया। हालांकि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग को बड़े जोरशोर से शुरू किया था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया को नीति का पहला चेयरमैन बनाया गया। हालांकि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि पनगढ़िया राहुल गांधी की न्याय योजना पर सवाल उठाकर देश में फिर से सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी की न्यूनतम आय योजना काफी महंगी है। इस योजना के तहत 5 करोड़ गरीब परिवार को न्यूनतम 72 हजार रुपए देने पर 3.6 लाख करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इससे देश के कुल बजट में से 13 फीसदी खर्च अकेले न्याय योजना पर आएगा। 

 

देश के रक्षा बजट से ज्यादा योजना पर आएगा खर्च 

पनगढ़िया कह रहे हैं कि कोई ये नहीं बता रहा है कि आखिर योजना के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए का पैसा कहां से आएगा और योजना का लागू कैसे किया जाएगा। गनगढ़िया ने न्याय योजना को रक्षा बजट से तुलना करते हुए बताया कि यह काफी महंगी योजना होगी। इससे कम तो भारत का रक्षा बजट है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि देश में वैसे ही महंगाई को लेकर स्थिति टाइट है। ऐसे में इस योजना को लागू करना खतरनाक हो साबित हो सकता है। 

 

कांग्रेस सरकार बनाने पर नीति आयोग खत्म किया जाएगा  

बता दें कि राहुल गांधी ने हाल ही में नीति आयोग को बेकार संस्था बता चुके हैं और ऐलान किया है कि अगर उनकी सरकार आती है, तो नीति आयोग को खत्म करने योजना आयोग का गठन किया जाएगा। राहुल गांधी की मानें, तो नीति आयोग पीएम मोदी की मार्केटिंग और फडिंग डाटा से ज्यादा कोई खास काम नहीं करते है। नीति आयोग में मौजूदा वक्त में 400 से ज्यादा कर्माचारी काम करते हैं।   

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