विज्ञापन
Home » Economy » PolicyProbe about 3 lakh de-registered firms for money laundering

आईटी के रडार पर तीन लाख कंपनियां, मनी लॉन्ड्रिंग के कारण सरकार ने कैंसिल कर दिया था रजिस्ट्रेशन

CBDT ने कर अधिकारियों से कंपनियों की जानकारी जुटाने के लिए कहा है 

Probe about 3 lakh de-registered firms for money laundering

Probe about 3 lakh de-registered firms for money laundering केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर अधिकारियों को उन तीन कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच का निर्देश दिए है , जिनका पंजीकरण सरकार ने रद्द कर दिया था। सरकार ने कर चोरी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए इन कंपनियों पर कार्रवाई की थी। खासकर नोटबंदी के दौरान इनमें से कई कंपनियां संदिग्ध लेनदेन में लिप्त रहीं हैं।

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर अधिकारियों को उन तीन कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच का निर्देश दिए है , जिनका पंजीकरण सरकार ने रद्द कर दिया था। सरकार ने कर चोरी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए इन कंपनियों पर कार्रवाई की थी। खासकर नोटबंदी के दौरान इनमें से कई कंपनियां संदिग्ध लेनदेन में लिप्त रहीं हैं। बोर्ड ने आयकर विभाग के कार्यालयों को इस विशेष काम को करने के लिए कहा है। सीबीडीटी ने पत्राचार में कहा , " बोर्ड चाहता है कि धन शोधन गतिविधियों में इन कंपनियों के संभावित दुरुपयोग का पता लगाने के लिए आयकर कार्यालय कंपनियों के बैंक खातों से निकासी और जमा की पड़ताल करें। खासकर कंपनियों के पंजीकरण रद्द होने की प्रक्रिया के समय और उससे पहले नोटबंदी के दौरान के वित्तीय लेनदेन को खंगाला जाए। " 

धनशोधन के मामलों को प्रवर्तन निदेशालय के पास भी भेजा जाएगा


सीबीडीटी , आयकर विभाग के लिए नीति बनाने वाला निकाय है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बोर्ड के पास जानकारी है कि इनमें से कई कंपनियों के कर से जुड़े अपराधों में लिप्त होने की आशंका है। यह साबित हो जाने पर आयकर विभाग कंपनियों के खिलाफ कर चोरी और धन शोधन में लिप्त रहने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि धनशोधन के मामलों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास भी भेजा जाएगा। 

CBDT ने कर अधिकारियों से कंपनियों की जानकारी जुटाने के लिए कहा है 


सीबीडीटी ने कर अधिकारियों से कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद इन कंपनियों की जानकारी जुटाने के लिए कहा है और उसके बाद इनके आयकर रिटर्न की जांच पड़ताल करने और बैंकों से उनके वित्तीय लेनदेन के बारे में जांच करने के लिए कहा है। सीबीडीटी ने कहा , " यदि कंपनी या व्यक्ति के संदिग्ध लेनदेन का पता चलता है तो राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष अपील करके कंपनी की बहाली की मांग की जाएगी ताकि आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।   

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन