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PNB फ्रॉड: चौकसी ने बताई भारत न आने की वजह, पूछा- पासपोर्ट क्‍यों हुआ सस्‍पेंड

मेहुल चौकसी ने सीबीआई को बताया कि, ''मैं स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिक्‍कतों के चलते ट्रैवल करने में असमर्थ हूं।

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नई दिल्‍ली. पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी ने पहली बार अपना मुंह खोला और सीबीआई को जवाब दिया। मेहुल चौकसी ने सीबीआई को बताया कि, ''मैं स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिक्‍कतों के चलते ट्रैवल करने में असमर्थ हूं। मुझे दिल की बीमारी है, जिसका इलाज इसी साल फरवरी के पहले सप्ताह में हुआ है और अभी चल रहा है।'' मेहुल चौकसी 12 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा के पीएनबी घोटाले के मुख्‍य आरोपी व हीरा कारोबारी नीरव मोदी के मामा हैं। 

 

 

पीएनबी घोटाला के आरोपी मेहुल चौकसी ने सीबीआई से अपने जवाब में कहा, चूंकि मेरा पासपोर्ट सस्‍पेंड हो गया है। मैंने इस संबंध में आरपीओ मुंबई से जानकारी लेनी चाही तो मुझे कोई स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया गया कि मेरा पासपोर्ट क्‍यों सस्‍पेंड किया गया। साथ ही मैं कैसे भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हूं।''

 

इससे पहले, पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी ने सीबीआई जांच में सहयोग से इनकार कर दिया है। सीबीआई ने मोदी को 2 अरब डॉलर के कथित घोटाले में उसके समक्ष पेश होने को कहा था। नीरव मोदी ने कारोबारी व्यस्तता का हवाला देते हुए सीबीआई के सामने पेश होने में असमर्थता जताई है। 

 

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12 हजार करोड़ से ज्‍यादा के घोटाले के आरोपी 

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि समूह के मेहुल चौकसी 12,600 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में आरोपी हैं। इस घोटाले में अतिरिक्त 1,300 करोड़ रुपए के और  फ्रॉड का 26 फरवरी को खुलासा हुआ था। सीबीआई ने 14 फरवरी को नीरव मोदी, उनकी पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चौकसी और मोदी की कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोल एक्सपोर्ट्स और स्टेलार डायमंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 

 

नीरव-मेहुल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने 3 फरवरी को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए। नीरव के वकील ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। वहीं, नीरव ने एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) को मेल से जवाब भेजा। उसने लिखा, ''जिस तेजी से मुझ पर कार्रवाई की गई, लगता है कि अफसरों ने मेरे भाग्य का फैसला पहले ही तय कर लिया। कानून के हिसाब से मेरे जवाब पर विचार नहीं किया।'' बता दें कि ईडी ने नीरव को मेल कर जांच में शामिल होने के लिए भारत आने के लिए कहा है।

 
कैसे सामने आया PNB फ्रॉड?

- पंजाब नेशनल बैंक ने स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- इस घोटाले की शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। 
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।

 

घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी?

- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

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