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घमासान के बीच एम नागेश्वर CBI में अंतरिम निदेशक पद पर नियुक्त

पीएमओ ने मामले में दिया दखल, दोनों आरोपी अधिकारी भेजे गए छुट्‌टी पर

CBI high voltage drama

नई दिल्ली. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के शीर्ष अधिकारियों के बीच घूसकांड को लेकर घमासान मचा हुआ। इसे थामने के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को दखल देना पड़ा। पीएमओ ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा और स्पेशल डॉयरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्‌टी पर भेजकर एम नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम निदेशक पद पर तैनात कर दिया है। इसके अलावा सीबीआई हेडक्वार्टर के उनके दफ्तरों पर सील कर दिया है। 

मोइन कुरैशी से घूस लेने का आरोप 
सीबीआई ने हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग कारोबारी मोइन कुरैशी से घूस लेकर क्लीन चिट देने में मामले में राकेश अस्थाना पर केस दर्ज किया। इसके बाद अस्थाना ने आलोक वर्मा पर भी दो करोड़ रुपए घूस लेने का आरोप लगा दिया। सीबीआई ने बीते मंगलवार को अदालत में सुनवाई के दौरान कहा था कि राकेश अस्थाना और देवेंद्र सिंह के खिलाफ जबरन वसूली और जालसाजी के आरोप मिले हैं। 

 

कौन हैं सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव

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एम नागेश्वर राव तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। राव ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हुए चिट फंड और शारदा घोटाले की भी जांच कर रहे थे। राव को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल, विशेष कर्तव्य मेडल और ओडिशा गवर्नर मेडल से सम्मानित किया गया है।  

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