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मोदी सरकार की नई पहलः लगेंगे 5000 कंप्रेस्ड बॉयो-गैस प्लांट, निकलेंगे 75,000 रोजगार

प्लांट लगाने के लिए सरकार देगी सब्सिडी, गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर सरकार खर्च कर रही है 75,000 करोड़

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नई दिल्ली। महात्मा गांधी के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी (pm modi) की सरकार ने स्वच्छ एनर्जी की दिशा में नई पहल की घोषणा कर दी। इसके तहत देश भर में 5000 कंप्रेस्ड बॉयो-गैस (सीबीजी) प्लांट लगाए जाएंगे। प्लांट लगाने का काम निजी उद्यमी करेंगे। लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें सब्सिडी दी जाएगी।

 

प्लांट लगाने के काम में सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां उनकी मदद करेंगी। सीबीजी की खरीदारी भी ये कंपनियां ही करेंगी। मतलब बॉयो गैस के प्लांट लगाने  वाले उद्यमियों को बॉयो गैस की बिक्री की ज्यादा चिंता नहीं करनी होगी। सोमवार को पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री ध्रमेंद्र प्रधान ने इस योजना की शुरुआत की। प्लांट लगाने के इच्छुक उद्यमी पेट्रोलियम कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं।

 

आगे पढ़ें- कितने लोगों को मिलेगा रोजगार

75,000 करोड़ के निवेश से 75,000 रोजगार

पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने सोमवार को बताया कि अगले पांच साल में देश भर में 5000 सीबीजी प्लांट लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत इस साल से हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ऑटोमोटिव फ्यूल के रूप में सीबीजी उपलब्ध होंगे। प्लांट से उत्पादित सीबीजी की खरीदारी की गारंटी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की स्थापना पर 75,000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। प्रधान ने बताया कि सीबीजी प्लांट  लगने से प्रत्यक्ष तौर पर कम से कम 75,000 रोजगार निकलेंगे और लाखों की संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा। वहीं, किसानों को इससे अतिरिक्त कमाई होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश भर में 42 लाख घरों में पीएनजी की सप्लाई हो रही है और सरकार देश के 300 जिलों के 2 करोड़ घरों में पीएनजी की सप्लाई के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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क्या होती है बॉयो गैस

बायो-गैस का उत्पादन प्राकृतिक कचरे जैसे कि कृषि कचरा, गोबर, गन्ने के छिलके जैसी चीजों से होता है। इन्हें स्वच्छ बनाने के बाद इसे कंप्रेस किया जाता है। इनमें मिथेन की मात्रा काफी अधिक होती है। इन की अधिकतर प्रोपर्टीज सीएनजी के  समान होती है। सीबीजी को ऑटोमोटिव फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

 

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सरकार की क्या होगी मदद

केंद्र सरकार सीबीजी प्लांट लगाने वालों को नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स 2018 के तहत मदद देगी। सरकार ने पिछले साल गोबर-धन स्कीम लांच की थी जिसके तहत गोबर व कृषि उत्पादन से निकलने वाले ठोस कचरे को सीबीजी व कंपोस्ट में बदलने का काम किया जाना है। वित्त वर्ष 2018-19 में इस स्कीम के तहत 700 परियोजनाओं को कवर किया जाना है। एमएनआरई की अधिसूचना के मुताबिक सीबीजी प्लांट के लिए प्लांट की उत्पादन क्षमता को देखते हुए वित्तीय मदद दी जाएगी, लेकिन किसी भी प्लांट को अधिक से अधिक 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता ही दी  जा सकती है।

 

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