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वैज्ञानिक सोच होना जरूरी, हमें तय करना है मशीनों से कैसा काम लेते हैं: मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को देशवासियों को अपने रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के जरिए संबोधित किया।

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को देशवासियों को अपने रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी ने 28 फरवरी को नेशनल साइंस डे से पहले विज्ञान की बात की। उन्‍होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच होना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीवन को और आसान बना रहा है। लेकिन यहे हमें तय करना है कि हम मशीनों से कैसा काम लेते हैं। पीएम मोदी की 'मन की बात' का यह 41वां एपिसोड है। 

 

 

पीएम मोदी ने इस दौरान भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन और जगदीशचंद्र बोस की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा, “मुझे विज्ञान को लेकर कई साथियों ने प्रश्न पूछे हैं। कभी हमने सोचा है कि पानी रंगीन क्यों हो जाता है? इसी प्रश्न ने भारत के एक महान वैज्ञानिक को जन्म दिया। डॉ. सीवी रमन प्रकाश को प्रकीर्णन (स्कैटरिंग) के लिए नोबेल प्राइज दिया गया। 28 फरवरी को ही उन्होंने ये खोज की थी। इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।”पीएम ने कहा कि विज्ञान का प्रयोग मानव कल्याण और मानव विकास में होना चाहिए। 

 

हमारी पीढ़ी विज्ञान की सेवा के लिए प्रेरित हो 

पीएम ने कहा कि हमारे यहां कई वैज्ञानिक हुए। चरक, सुश्रुत हुए तो जगदीश चंद्र बोस और सत्येंद्रनाथ बोस भी हुए। सत्येंद्रनाथ के नाम पर तो बोसोन कण का नाम भी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीवन को और आसान बना रहा है। अब न बोलने वाला शख्स भी बोल सकता है। कोई भी मशीन वैसा ही काम करेगी जैसा हम चाहेंगे। लेकिन हमें ये तय करना है कि हम उनसे कैसा काम लेते हैं। एडिसन कई बार असफल रहे। उन्होंने कहा था कि मैंने बल्ब बनाने के 10 हजार तरीके खोजे। मोदी ने कहा कि मैं अरबिंदो की भूमि पर हूं। उन्होंने अंग्रेजों को नाकों तले चने चबवा दिए। हमारी पीढ़ी विज्ञान की सेवा करने के लिए प्रेरित हो। इसके लिए मैं शुभकामनाएं देता हूं।

 

पीएम ने बताई सतर्कता की अहमियत 

पीएम मोदी ने 4 मार्च को सेफ्टी डे से पहले दुर्घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा हमारी सतर्कता हमेशा दुर्घटनाओं को रोक सकती है। मोदी ने कहा, सेफ्टी को लेकर बहुत चर्चा होती है। सेफ्टी दो तरह की होती है। अगर हम दैनिक जीवन में उसे हासिल नहीं कर पा रहे तो बहुत मुश्किल हो जाती है। रास्ते पर लिखा होता है- नजर हटी तो दुर्घटना घटी। सुरक्षा से न करो कोई मस्ती, नहीं तो होगी जिंदगी सस्ती। हम अगर सतर्क रहें तो अपनी जिंदगी तो बचा ही सकते हैं दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा, प्लेन में कई बार एयरहोस्टेस सुरक्षा को लेकर जानकारी देती हैं। हम सभी ने कई बार सुना है। लेकिन इस्तेमाल करने की बात आएगी तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह कॉन्शस न होना है। अगर हम अपने लिए सेफ्टी का भाव जगा लें तो दूसरों की भी सुरक्षा कर पाएंगे।

 

NDMA की भी तारीफ 

मोदी ने आपदा प्रबंधन में NDMA की भी तारीफ की। उन्होंने कहा NDMA आपदा प्रबंधन के लिए लोगों को ट्रेनिंग देकर अपनी जिम्मेदारी काफी अच्छे से संभाल रहा है। इसके अलावा पीएम ने आपदा प्रबंधन में BIMSTEC के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल, इन देशों ने एक संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास किया, ये अपने आप में एक पहला और बड़ा मानवीय प्रयोग था। 

 

नारी सशक्‍तीकरण ही न्‍यू इंडिया 

पीएम मोदी ने अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) का जिक्र करते हुए कहा कि नारी का समग्र विकास और उसका सशक्‍तीकरण ही न्यू इंडिया है। पीएम ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। स्वच्छता पर लोगों की ओर से उठाए जा रहे कदमों की तारीफ करते हुए पीएम ने झारखंड की उन 15 लाख महिलाओं का जिक्र किया जिन्होंने एक महीने तक स्वच्छता अभियान चलाया।

 

गोबरधन योजना का जिक्र 

पीएम मोदी ने कहा कि पशुओं के अपशिष्ट के इस्तेमाल की योजना को गोबरधन योजना नाम मिला। गोबर और कचरे को आय का स्त्रोत भी बनाएं। किसानों को गोबर की ब्रिक्री का सही दाम मिलेगा। गोबरधन योजना के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म बनेगा। रायपुर में पहले कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया। कचरा प्रबंधन को ध्यान में रखकर कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया था। 

 

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