Home » Economy » Policyभारतीय रेलवे डाइनैमिक प्राइसिंग फ्लैक्‍सी फेयर पीयूष गोयल एयरलाइंस

आपकी मजबूरी का फायदा उठाना चाहते थे अधिकारी, मोदी के मंत्री ने यूं बचा लिया

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोगों को राहत देते हुए अधिकारियों की ओर से पेश डायनमिक प्राइसिंग फॉर्मूले को खारिज कर दिया है..

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नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए अपने अधिकारियों की ओर से पेश किए गए डायनमिक प्राइसिंग फॉर्मूले को खारिज कर दिया है। दरअसल अधिकारियों ने सुझाव दिया था कि रेलवे में भी एयरलाइंस की तर्ज पर डायनमिक प्राइसिंग व्‍यवस्‍था लागू किया जाए। इससे रेलवे की आमदनी बढ़ेगी। पर रेल मंत्री ने नाखुशी जहिर करते हुए इस सुझाव को मानने से इनकार कर दिया। रेल मंत्री ने रेल मंत्री ने फ्लेक्सी फेयर स्कीम को रिव्यू करने के लिए बनाई गई कमिटी से फिर से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। पिछले साल दिसंबर में बनाई गई कमिटी अभी लागू फ्लेक्सी सिस्टम का प्रभाव जानने और रेवेन्यू बढ़ाने के और तरीकों के बारे में सुझाव देने के लिए बनी थी।

 

क्‍या था सुझाव?  
रेलवे अधिकारियों की कमेटी ने जो रिपोर्ट भेजी थी, उसके मुताबिक, सभी एक्सप्रेस मेल ट्रेनों में एयरलाइंस की तर्ज पर किराया वसूलने की बात कही गई थी। 15 जनवरी को भेजी गई रिपोर्ट में कमेटी का सुझाव था कि किसी भी टिकट की कीमत तय करते हुए कई चीजों का ध्‍यान रखा जाएगा। मतलब ज्‍यादा डिमांड तो ज्‍यादा प्राइस कम डिमांड तो कम प्राइस। इसमें त्योहारों के समय अधिक रेट, लोअर बर्थ के लिए अतिरिक्त चार्ज, कम समय में पहुंचाने वाली ट्रेन का ज्यादा किराया शामिल था। 

 

 

यात्रा की तारीख नजदीक आते ही बढ़ता जाता किराया  

कमिटी का सुझाव था कि डायनमिक सिस्‍टम लागू करके के बाद फ्लाइट्स की तर्ज पर यात्रा की तारीख करीब आने के साथ किराया बढ़ता जाता। 13 मार्च को फ्लेक्सी फेयर को लेकर हुई 20 मिनट की मीटिंग में गोयल ने इन सभी सुझावों को लेकर नाखुशी जाहिर की। कमेटी से फिर से विचार करने को कहा गया है।  इस कमेटी में रेलवे बोर्ड के कुछ अधिकारी, नीति आयोग के सलाहकार और एयर इंडिया के कुछ अधिकारी शामिल थे। 
 
 

 

मजबूरी में खरीदना पड़ता महंगा टिकट 
रेलमंत्री अगर यह सुझाव मान लेते थे, लोगों को महंगा टिकट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता। दरअसल रेलवे में यात्रियों की सबसे ज्‍यादा भीड़ त्‍योरारों या खास सीजन पर होती है। कभी कभी लोगों को मजबूरी में भी तत्‍काल टिकट लेकर यात्रा करने की सुविधा है। इसमें कुल किराए का 20 फीसदी अतिरिक्‍ट वसूला जाता है। लेकिन डायनमिक फेयर में भीड़भार के समय ट्रेन का किराया 200 फीसदी हो जाता है। ऐस में लोगों को ज्‍यादा चपत लगती। 

 

 

रेलवे की भरी झोली 
बता दें कि देश में चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम लागू है। 2015-16 में जब फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम शुरू नहीं किया गया था तब 138.71 लाख टिकट बुक किए गए और रेलवे ने 1931.6 करोड़ रुपये कमाए। सितंबर 2016 में जब फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम लाया गया तो रेलवे ने 137.39 लाख टिकट बेच कमाई 2,192.24 तक बढ़ा ली। फ्लेक्सी सिस्टम से रेलवे का किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ गया।  

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