बिज़नेस न्यूज़ » Economy » PolicyNPS अकाउंट में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, सरकारी कर्मचारियों की घट जाएगी पेंशन

NPS अकाउंट में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, सरकारी कर्मचारियों की घट जाएगी पेंशन

सरकारी कर्मचारियों की डेट ऑफ ज्‍वाइनिंग और परमानेंट अकाउंट नंबर जेनरेट करने की डेट में है बड़ा गैप

pfrda suggest to adapt online module for pran generation

 

महेंद्र सिंह, ​नई दिल्‍ली
 
केंद्र सरकार की सोशल सिक्‍योरिटी स्‍कीम न्‍यू पेंशन सिस्‍टम यानी NPS में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस गड़बड़ी का खामियाजा लाखों सरकारी कर्मचारियों को उठाना पड़ेगा। इसकी वजह से सरकारी कर्मचारियों के एनपीएस कार्पस में कम फंड जमा रहा है और इससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन घट जाएगी। केंद्र सरकार ने एनपीएस स्‍कीम में इस गड़बड़ी पर गंभीर चिंता जहिर करते हुए प्राथमिकता के आधार पर इसका समाधान करने का निर्देश दिया है। 

 

डेट ऑफ ज्‍वाइनिंग और परमानेंट अकाउंट नंबर जेनरेट करने की डेट में है बड़ा गैप 

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के जनरल मैनेजर आशीष कुमार ने सभी सरकारी विभागों को एक पत्र लिखकर बताया है कि सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी यानी सीआरए की तमाम रिपोर्ट से पता चलता है कि एनपीएस अकाउंट होल्‍डस की सेवा में डेट ऑफ ज्‍वाइनिंग और परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जेनरेशन की डेट में लंबा गैप है। इससे अकाउंट होल्‍डर को एनपीएस कार्पस में घाटा हो रहा है। पत्र में कहा गया है कि यह गंभीर चिंता का विषय है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। 

 

 

सरकारी कर्मचारियों की घट जाएगी पेंशन 

एनपीएस मेंबर्स के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जेनरेट करने में देरी से उनका एनपीएस कंट्रीब्‍यूशन अपलोड करने में देरी होती है। इससे एनपीएस अकाउंट में उपलब्‍ध फंड कम हो जाता है और इसका असर मेंबर्स की पेंशन पर पड़ेगा। यानी उनको रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन कम हो जाएगी। इससे एनपीएस स्‍कीम का कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लायक पेंशन मुहैया कराने का मकसद पूरा नहीं होगा। 

 

 

ऑनलाइन प्रॉन जेनरेशेन मॉड्यूल अपनाने की सलाह 

पीएफआरडीए ने इन बातों को ध्‍यान में रखते हुए सरकारी सेक्‍टर के सभी नोडल ऑफिसर्स को ऑनलाइन प्रॉन जेनरेशन मॉड्यूल अपनाने की सलाह दी है। अभी सरकारी सेक्‍टर में नोडल ऑफिसर्स मैन्‍युअल प्रान जेनरेशन मॉड्यूल अपना रहे हैं। मैनुअल तरीके से परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जेनरेट करने में ज्‍यादा समय लगता है। वहीं ऑनलाइन तरीके से प्रान जेरनेट करने में कम समय लगता है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट