Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

Tech in gadgets: बैटरी नहीं होती जिम्‍मेदार, स्‍मार्टफोन की स्‍लो चार्जिंग के ये हैं 3 दुश्‍मन नीरव मोदी, माल्‍या जैसे भगोड़ों की प्रॉपर्टी होगी जब्‍त, सरकार ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को बढ़ाएगी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी : प्रभु 164 लाख करोड़ डॉलर के कर्ज पर बैठी दुनि‍या, पब्‍लि‍क-प्राइवेट डेट बना जोखि‍म मासूम से बलात्‍कार के मामलों में होगी फांसी, कैबिनेट ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी यशवंत सिन्‍हा ने भाजपा छोड़ी हैदराबाद में डीजल स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार और 1 करोड़ का डीजल सीज 349 रु में खरीदिए 1400 रुपए का कुर्ता, गर्मियों में जमेगी धाक बैंकों में जमा हुए रिकॉर्ड जाली नोट, 4.73 लाख हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन; नोटबंदी के बाद पहली रिपोर्ट अगले 2 महीनों में 85 डॉलर/बैरल तक पहुंच सकता है क्रूड, और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल GST रिटर्न भरने के लिए आएगा सिंगल पेज का फार्म, 6 महीने में लागू होगी व्‍यवस्‍था इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस को 1030 करोड़ का हुआ मुनाफा, लोन ग्रोथ मजबूत हुई खास खबर : क्‍या रोड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से बदलेगी भारत की इकोनॉमी ? डीजल स्‍कैंडल: फॉक्सवैगन के ब्रांड पोर्श का मैनेजर हिरासत में चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव कांग्रेस का रिवेंज पिटीशन: अरुण जेटली
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyअनिवार्य नहीं रहा सिनेमाहॉल में राष्‍ट्रगान बजाना, सुप्रीम कोर्ट ने बदला फैसला

अनिवार्य नहीं रहा सिनेमाहॉल में राष्‍ट्रगान बजाना, सुप्रीम कोर्ट ने बदला फैसला

नई दिल्‍ली. थियेटर्स में अब फिल्‍म शुरू होने से पहला राष्‍ट्रगान बजाने की अनिवार्यता खत्‍म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 30 नवंबर 2016 को दिया अपना फैसला पलटते हुए राष्‍ट्रगान बजाना ऑप्‍शनल कर दिया। बता दें कि केंद्र सरकार ने एफिडेविट दाखिल करके कोर्ट से इस फैसले से पहले की स्थिति बहाल करने की गुजारिश की थी। उनका कहना था कि सरकार ने इस मामले में एक इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी गठित की है। 

 

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि सरकार द्वारा गठित कमेटी 6 महीने में सुझाव देगी। उसके बाद सरकार तय करेगी कि राष्‍ट्रगान की अनिवार्यता को लेकर नोटिफिकेशन या सर्कुलर जारी किया जाए या नहीं। बता दें कि इस कमेटी में 12 मेंबर हैं। जस्टिस मिश्रा की बेंच ने ही पिछले साल नेशनल एंथम को सिनेमाहॉल्स में मेंडेटरी करने का ऑर्डर जारी किया था। 

 

यह काम कोर्ट पर क्यों थोपा जाए?

23 अक्टूबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि सिनेमाहॉल और दूसरी जगहों पर राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो या नहीं, इसे वह (सरकार) तय करे। इस संबंध में जारी कोई भी सर्कुलर कोर्ट के इंटरिम ऑर्डर से प्रभावित न हो। कोर्ट ने कहा था, "लोग मनोरंजन के लिए फिल्म देखने जाते हैं, वहां उन पर इस तरह देशभक्ति थोपी नहीं जानी चाहिए। यह भी नहीं सोचना चाहिए कि अगर कोई शख्स राष्ट्रगान के दौरान खड़ा नहीं होता तो वह कम देशभक्त है।"

 

बेंच ने यह भी कहा था कि किसी से उम्मीद करना अलग बात है और उसे जरूरी करना अलग। नागरिकों को अपनी बांहों (sleeves) में देशभक्ति लेकर चलने पर मजबूर तो नहीं किया जा सकता। अदालतें अपने ऑर्डर से लोगों में देशभक्ति नहीं जगा सकतीं।

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.