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माता-पिता की सेवा नहीं की तो डायरेक्‍ट कटेगी सैलरी, दो राज्‍य सरकारों का बड़ा फैसला

वैसे तो इस तरह के मामलों की सुनवाई अदालत में भी होती है।

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नई दि‍ल्‍ली। माता-पि‍ता की सेवा करना बेटे-बेटि‍यों का कर्तव्‍य होता है, मगर इन दि‍नों ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां लोग अपने उम्रदराज माता-पि‍ता से मुंह मोड़ ले रहे हैं। वैसे तो इस तरह के मामलों की सुनवाई अदालत में भी होती है जहां माता-पि‍ता गुजरा भत्‍ता की मांग कर सकते हैं, मगर दो राज्‍यों ने इस मामले में नया उदाहरण पेश कि‍या है। कई बार ऐसा देखने में आया है कि‍ बेटा तो बहुत बड़ा अधि‍कारी होता है लेकि‍न मां-बाप के पास भरण पोषण के लि‍ए पैसे नहीं होते। आगे पढ़ें 

लागू हो गया नया नि‍यम
मध्‍यप्रदेश में अब माता-पि‍ता की देखभाल नहीं करना सरकारी अधि‍कारि‍यों व कर्मचारि‍यों को भारी पड़ेगा। ऐसी शि‍कायत सही पाई जाने पर सरकार वेतन में से एक तय राशि‍ काटकर सीधे माता-पि‍ता  के खाते में ट्रांसफर कर देगी। यह राशि‍ 10 हजार रुपए तक होगी। इसके लि‍ए कोर्ट नहीं जाना होगा। सरकार ने माता-पि‍ता, वरिष्‍ठ नागरि‍कों का भरण पोषण तथा कल्‍याण अधि‍नि‍यम में संशोधन कर नए प्रावधान जोड़ दि‍ए हैं। इससे पहले असम भी इस तरह के कानून को लागू कर चुका है। 

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