Home » Economy » PolicyIRCTC Railways decided to stop free travel insurance from September 1

टिकट के साथ मुफ्त इंश्‍योरेंस नहीं देगा IRCTC, रेल दुर्घटना में मिलता था 10 लाख तक का कवर

IRCTC ने एक सितंबर से यह मुफ्त सुविधा बंद करने का फैसला किया है...

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नई दिल्‍ली. रेल टिकट के साथ मिलने वाला 10 लाख रुपए तक का इंश्‍योरेंस अब रेल यात्रियों को फ्री में नहीं मिलेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे आने वाले 1 सितंबर से यह सुविधा बंद करने जा रहा है। किसी यात्री को अगर इंश्‍योरेंस लेना है तो इसके लिए उसे पैसे चुकाने पड़ेंगे। हालांकि अभी इसकी राशि तक नहीं की गई है।   

 

IRCTC ने सुविधा बंद करने का लिया फैसला 
रेलवे के एक सीनियर अफसर ने बताया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन यानी IRCTC ने यह मुफ्त सुविधा बंद करने का फैसला किया है। अब यह सुविधा ऑप्‍शनल होगी। मतलब आप इसे लेना चाहें तो ले सकते हैं अगर नहीं लेना चाहते हैं नहीं लें। बता दें कि अभी तक टिकट के साथ यह सुविधा अपने आप मिलती थी, भले ही यात्री ट्रैवल इंश्‍योरेंस का ऑप्‍शन चुने या नहीं। 

 

 

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यात्रियों को मिलेंगे 2 विकल्‍प 

नई व्‍यवस्‍था के तहत IRCTC की वेबसाइट से टिकट बुक करते समय यात्रियों को 2 विकल्‍प मिलेंगे। इसमें ऑप्‍ट इन (ट्रैवल इन्‍श्‍योरेंस लेना है) और ऑप्‍ट आउट (ट्रैवल इन्‍श्‍योरेंस नहीं लेना है) विकल्‍प मौजूद होगा। अधिकारी के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में ट्रैवल इंश्‍योरेंस की कीमत तय कर दी जाएगी। अगर कोई यात्री  इस सुविधा का लाभ लेना चाहे तो जरूरी कीमत अदा करके इंश्‍योरेंस कवर हासिल कर ले। 

 

आगे पढ़ें- दिसंबर 2017 से फ्री थी सुविधा..... 

 

दिसंबर 2017 से फ्री थी सुविधा 
डिजिटल ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा देने के इरादे से दिसंबर 2017 से ही IRCTC अपने यात्रियों को मुफ्त इंश्‍योरेंस की सुविधा देती रही है। शुरुआत में जब यह सुविधा पेड थी तो रेलवे इसके लिए 92 पैसे प्रति इंश्‍योरेंस वसूलता था। डिजिटल ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा देने के लिए टिकट बुकिंग के समय डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर लगने वाला चार्ज भी रेलवे ने माफ कर दिया था।  

 

आगे पढ़ें- कि‍सको कि‍तना कवर मिलता था। 

 

कि‍सको कि‍तना कवर 
अगर किसी यात्री की रेल दुर्घटना में मृत्यु हो जाती थी, है तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर रेलवे की तरफ से दिया जाता था। इसके साथ ही अगर दुर्घटना में किसी तरह की शारीरिक अपंगता आ जाने पर 7.5 लाख रुपए तक का कवर मिलता था। मामूली शाररिक नुकसान पहुंचने पर 2 लाख रुपए तक के कवर का प्रावधान था। साथ ही शव को लाने ले जाने के लिए भी 10,000 रुपए का प्रावधान था। 

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