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मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा, BJP+ को 325 वोट जबकि विपक्ष को 126 वोट मिले

राफेल समझौते में घोटाले के आरोप पर मोदी ने राहुल गांधी का नाम बिना लेते हुए कहा कि बचकानी हरकतों से बचना चाहिए।

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नई दिल्ली. एनडीए सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। लोकसभा में शुक्रवार को टीडीपी और विपक्ष द्वारा पेश किए गिए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ देर रात 11 बजे वोटिंग हुई। इसमें भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को 325 वोट मिले, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 126 वोट पड़े। कुल 451 वोट पड़े। वहीं बीजेडी, शिवसेना ने वोटिंग का बहिष्कार किया था। इस तरह मोदी सरकार को करीब दो तिहाई बहुमत मिला है।

 

 

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोले मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राफेल समझौते में किसी तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ है। समझौता पूरी तरह से पारदर्शी है। ये दो देशों (भारत और फ्रांस) के बीच हुआ संमझौता है। राफेल कोई दो कंपनियों के बीच का समझौता नहीं है। ऐसे में किसी तरह के गंभीर आरोप लगाने से पहले सच्चाई जानने की जरुरत है। मोदी ने राहुल गांधी का नाम बिना लेते हुए कहा कि ऐसी बचकानी हरकतों से बचना चाहिए। गैर जिम्मेदारी वाले बयान की वजह से दो देशों की सरकारों को खंडन जारी करना पड़ा है। यह शर्मनाक बात है।

 

 

कालाधन पर SIT, बेनामी संपत्ति कानून, डेढ़ गुना MSP , GST पर हमने एक्शन किया

मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कालाधन पर सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी के गठन की बात कही थी। लेकिन एसआईटी एनडीए सरकार ने गठन किया। बेनामी संपत्ति कानून 30 साल से पारित था लेकिन उसे कांग्रेस सरकार ने नोटिफाई नहीं किया था। मोदी ने कहा कि हमने बेनामी कानून को नोटिफाई किया। अब तक 5400 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त हुई है। किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी देने का वादा एनडीए सरकार ने पूरा किया। मोदी ने कहा कि जीएसटी कांग्रेस लटकाने की आदत के वजह से लागू नहीं कर पाई। हमने इसे लागू किया।

 

 

बैंकों को लूटा, करप्शन के लिए फोन बैंकिंग का यूपीए ने लिया सहारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकों के बढ़ते एनपीए पर कहा कि ये सारा मामला यूपीए सरकार की लूट की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि 2009-14 के बीच बैंकों पर दबाव बनाकर 52 लाख करोड़ रुपए का लोन दिलवाया गया। जबकि इसके पहले 60 साल में केवल बैंकों ने 18 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया था। मोदी के अनुसार 6 साल में बैंकों के लोन में इतनी बेतहाशा बढ़ोतरी की वजह भ्रष्टाचार रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि टेलिफोन आते ही लोन दे दिया जाता था। इसकी वजह से आज एनपीए की गंभीर समस्या बनी है। मोदी ने कहा कि अगर 2014 में एनडीए सरकार नहीं बनती तो इस लूट की वजह से देश बहुत बड़े संकट से गुजर रहा होता।

 

एक साल में एक करोड़ से ज्यादा नौकरियां

 

नरेंद्र मोदी ने संगठित क्षेत्र, प्रोफेशनल्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर एक निजी संस्था के सर्वे का उल्लेख करते हुए कहा कि अकेले एक साल में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिली हैं।

सेक्टर नौकरियां
ईपीएफ और एनपीएस 70 लाख
वकील के जरिए  2 लाख
पैंसेजर व्हीकल सेल्स का असर  5 लाख
नई कंपनी के जरिए 1 लाख
नए ऑटो की सेल्स के जरिए 3.40 लाख
चार्टर्ड अकाउंटेट के जरिए 1 लाख

 

 

बिजली, बैंक, बीमा, रोगजार के हुए काम को विपक्ष विकास नहीं मानता

 

नरेंद्र मोदी ने कहा हमने अपने कार्यकाल में 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाकर देश के सभी गांवों तक एनडीए सरकार ने बिजली पहुंचाई है। देश के 30 करोड़ ऐसे लोगो का जनधन योजना के तहत बैंक अकाउंट खुलवाया गया , जिनका कभी बैंक खाता ही नहीं खुला था। इसी तरह मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ युवाओं को रोजगार के लिए लोन दिया गया। देश में 100 करोड़ एलईडी बल्ब लगाए गए हैं। फसल बीमा योजना के तहत 5500 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों ने लिया है। मोदी के अनुसार ये सब काम विपक्ष को विकास के रुप में नहीं दिखता है।


आरबीआई, एजेंसियों, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग किसी पर भरोसा नहीं

 

मोदी ने कहा कि कांग्रेस की फितरत ऐसी है कि उन्हें किसी भी संस्था पर विश्वास नहीं है। उन्हें आरबीआई पर अविश्वास है। उन्हें चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, विश्व की प्रमुख एजेंसियों सब पर अविश्वास है। उन्होंने राहुल गांधी के भागीदार होने के आरोप पर कहा कि उनकी सरकार चौकीदार, भागीदार दोंनो है। लेकिन हम सौदागर नहीं हैं।

 

 

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इसके पहले राहुल ने पीएम मोदी को गले लगाया

 

 

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी को आश्चर्य में डाल दिया। 48 मिनट का भाषण खत्म करने के बाद राहुल अपनी जगह से उठकर सत्ता पक्ष की तरफ आए और पहली पंक्ति में बैठे नरेंद्र मोदी को गले लगा लिया। ये देखकर सदन में मौजूद सभी सदस्य अचंभे में पड़ गए। मोदी की प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी। हालांकि, जब राहुल जाने लगे तो मोदी ने उन्हें वापस बुलाया और पीठ भी थपथपाई। 

 

इससे पहले राहुल ने अपने भाषण कई बार ऐसी बातें कहीं, जिससे लोकसभा में ठहाके लगे। एक बार उन्होंने ‘बाहर’ की जगह ‘बार’ शब्द का इस्तेमाल किया। एक बार कह दिया, ‘‘आप लोगों के लिए मैं पप्पू हूं।’’ एक मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री अपनी आंख मेरी आंख में नहीं डाल सकते हैं। राहुल के भाषण के दौरान मोदी और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को भी कई बार मुस्कराते हुए देखा गया। 

 

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राहुल के भाषण की चार दिलचस्प बातें

 

मैं भाजपा का आभारी हूं : राहुल ने कहा, ‘‘आप सोचोगे कि मेरे दिल में प्रधानमंत्री के खिलाफ गुस्सा और नफरत है। लेकिन, मैं आपको दिल से कहता हूं कि मैं प्रधानमंत्री, भाजपा और आरएसएस का बहुत आभारी हूं कि इन्होंने मुझे कांग्रेस और हिंदुस्तानी होने का मतलब सिखाया। हिंदुस्तानी होने का ये मतलब है कि चाहे कोई कुछ कह दे, लाठी मार दे, तुम्हारे दिल में उसके लिए प्यार होना चाहिए। आपने मुझे मेरा धर्म सिखाया और हिंदू होने का अर्थ बताया।’’

 

सभी को कांग्रेस में बदलूंगा : ‘‘आपके अंदर मेरे लिए नफरत है। आपके लिए मैं पप्पू हूं। लेकिन मेरे दिल में आपके लिए कोई क्राेध नहीं है। एक-एक करके मैं आपके अंदर के प्यार को बाहर निकालूंगा। और आप सभी को कांग्रेस में बदलूंगा।’’

 

पीएम ने भी राहुल की पीठ थपथपाई : इस बयान के बाद राहुल अपनी सीट से उठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास गए और उनके गले लग गए। इस पर प्रधानमंत्री भी आश्चर्य में आ गए और इशारों में राहुल के अचानक आने की वजह पूछी। राहुल जाने लगे तो मोदी ने आवाज देकर उन्हें रोका। राहुल पलटे तो उनसे हाथ मिलाया और मुस्कराते हुए उनकी पीठ थपथपाई। इसके बाद राहुल सदन के पूरे वेल में नमस्कार करते हुए घूमे। फिर अपनी सीट पर चले गए। इसके बाद राहुल ने कहा- हिंदू होने का ये मतलब (गले लगना) होता है। हालांकि, लोकसभा स्पीकर ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि राहुलजी, हाउस के कुछ नियम होते हैं।

भाजपा के कई सांसदों ने मुझे बधाई दी : ‘‘अभी जब मैं बाहर गया तो आपके (भाजपा के) कई संसद सदस्यों ने मुझसे कहा कि अाप बहुत अच्छा बोले। ये अकाली दल की नेता मुस्कराकर मुझे देख रही थीं।'' राहुल के इस बयान अौर उनके मोदी से गले लगने के बाद अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- ये संसद है, मुन्ना भाई का पप्पी-झप्पी एरिया नहीं है।
 

राहुल के मोदी सरकार पर पांच आरोप

 

रक्षा मंत्री ने झूठ बोला : राहुल ने कहा, ‘यहां रक्षा मंत्री बैठी हैं। उन्होंने कहा था कि वे देश को राफेल हवाई जहाज का दाम बताएंगी। लेकिन, बाद में उन्होंने कहा कि करार के चलते वे दाम नहीं बता सकतीं। हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि ऐसा कोई करार भारत-फ्रांस के बीच नहीं है जो कहे कि आप हवाई जहाज के दाम नहीं बता सकते। नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला।’’ राहुल के बाद लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ और कार्यवाही एक बार स्थगित कर दी गई।

 

पीएम ने सिर्फ जुमले दिए : कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का जुमला नंबर-1 था- हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। जुमला नंबर-2 - दो करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन हकीकत ये है कि सिर्फ चार लाख लोगों को रोजगार मिला। चीन 50 हजार युवाओं को 24 घंटे में रोजगार देता है। आप 400 युवाओं को ही 24 घंटे में रोजगार दे पाते हैं। ये सच्चाई है आपके जुमलों की।’’

 

कारोबारियों से क्या रिश्ता है : ‘‘प्रधानमंत्री का कुछ कारोबारियों के साथ क्या रिश्ता है? प्रधानमंत्री की मार्केटिंग के लिए जो पैसा लगाया जाता है, वह कहां से आता है, ये सभी को पता है। ऐसे कारोबारियों को हजारों करोड़ रुपए का फायदा मिलता है। प्रधानमंत्री मुस्करा रहे हैं। अब वे मेरी आंखों में आंख डालकर नहीं देखेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि मैं सच बोल रहा हूं।’’

 

प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता : राहुल ने कहा, ‘‘क्या दलित-आदिवासी हिंदुस्तान के नहीं हैं? उन पर अत्याचार होता है तो प्रधानमंत्री के मुंह से एक भी शब्द नहीं निकलता। उल्टा उनके मंत्री हमलावरों को जाकर हार पहनाते हैं। किसी न किसी हिंदुस्तानी को दबाया जा रहा है। यह हमला सिर्फ उस व्यक्ति पर नहीं, बल्कि अंबेडकर जी और इस सदन पर हो रहा है।’’

 

छोटे-छोटे दुकानदारों के घर इनकम टैक्स पहुंचा दिया: उन्होंने कहा, "एक दिन रात आठ बजे नोटबंदी कर दी। शायद समझ नहीं थी कि किसान, मजदूर और गरीब कैश में अपना धंधा चलाते हैं। सूरत के लोगों ने मुझसे कहा कि प्रधानमंत्री ने जबर्दस्त चोट हमें मारी है। जीएसटी कांग्रेस लाई थी। आपने विरोध किया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने विरोध किया था। प्रधानमंत्रीजी ने छोटे से छोटे दुकानदार के घर इनकम टैक्स को पहुंचा दिया।"

 

 

लोकसभा में यह 27वां अविश्वास प्रस्ताव :  लोकसभा में इससे पहले कुल 26 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए हैं। शुक्रवार को 27वें प्रस्ताव पर चर्चा होगी। पहला अविश्वास प्रस्ताव 1963 में जवाहर लाल नेहरू सरकार के खिलाफ आचार्य कृपलानी ने पेश किया था। इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ रिकॉर्ड 15 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए थे। 1990 में वीपी सिंह, 1997 में देवेगौड़ा, 1999 में वाजपेयी फ्लोर टेस्ट हारे। इस तरह तीन मौकों पर वोटिंग के बाद सरकारें गिर गईं। 

 

सबसे कम वोट से हारे थे वाजपेयी : एनडीए सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 1999 में आया। तब वाजपेयी सरकार एक वोट से गिर गई थी। वाजपेयी पहले ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जो इतने कम अंतर से हारे। 1996 में भी वाजपेयी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन वोटिंग से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। 2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन, तब वाजपेयी के पास पर्याप्त बहुमत था।

 

यूपीए सरकार खुद लाई थी प्रस्ताव : 2008 में एटमी डील के वक्त वाम दलों ने यूपीए सरकार से समर्थन वापस लिया। उस वक्त यूपीए सरकार ने खुद विश्वास प्रस्ताव पेश किया और लोकसभा में हुई वोटिंग में मनमोहन सिंह को 19 वोटों से जीत मिली थी। 

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