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मोदी को चैन नहीं लेने देंगी ये 5 चुनौति‍यां, नहीं सूझ रहा हल

इकोनॉमी के मोर्च पर लगातार उथल पुथल का सामना कर रही मोदी सरकार के सामने 5 बड़ी चुनौति‍यां खड़ी हो गई हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। इकोनॉमी के मोर्च पर लगातार उथल पुथल का सामना कर रही मोदी सरकार के सामने 5 बड़ी चुनौति‍यां खड़ी हो गई हैं। अगले साल आम चुनाव होने हैं और वि‍पक्ष ने भी इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। ये मामले हैं भी काफी गंभीर और अगर इनका हल नहीं नि‍कला तो सरकार को इसका खामि‍याजा भुगतना पड़ सकता है।  


1 मेरी मौत के लि‍ए मोदी जि‍म्‍मेदार - ये लाइन उस सुसाइड नोट की है जो चंद दि‍नों पहले महाराष्‍ट्र के एक कि‍सान ने अपनी जान देने से पहले लि‍खा था। दोगुनी आय का वादा करने वाली मोदी सरकार अभी तक कि‍सानों को उनकी फसल का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य भी नहीं दिला पा रही है। अभी भी मंडि‍यों का हाल ये है कि कि‍सान दाल और चना एमएसपी से नीचे बेच रहे हैं।  आगे पढ़ें 

2 तेल पहुंचा रिकॉर्ड पर  - पेट्रोल और डीजल के दाम अपने रिकॉर्ड स्‍तर पर हैं। रविवार को पेट्रोल की कीमत 74.40 रुपए लीटर हो गई जो बीजेपी की सरकार आने के बाद से अबतक सबसे ज्यादा कीमत है। वहीं डीजल 65.65 रुपए लीटर पहुंच गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली बीजेपी की सरकार मई 2014 में बनी थी। 2014-2016 के बीच वित्त मंत्री द्वारा 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा चुकी है, वहीं टैक्स में कटौती सिर्फ एक बार अक्टूबर में की गई थी और वह भी सिर्फ दो रुपये की। साउथ एशियन देशों में भारत में पेट्रोल डीजल का रीटेल प्राइस सबसे ज्यादा है। बाजार के हालात बता रहे हैं कि‍ कीमतें और बढ़ सकती हैं।  आगे पढ़ें


3 कैश की कि‍ल्‍लत- बीते एक सप्‍ताह से देशभर के एटीएम में कैश की कि‍ल्‍लत चल रही है। आरबीआई ने एक दो दि‍न में हालात सामान्‍य होने की बात कही थी, मगर अभी तक कुछ खास सुधार नहीं आया है। पूर्व वि‍त्‍त मंत्री पी चि‍दंबरम ने कैश की कि‍ल्‍लत को लेकर सरकार और आरबीआई पर हमला बोलते हुए कहा कि‍ नोटबंदी का भूत उन्‍हें फि‍र डराने गया है। उन्होंने कहा, "500 रुपये और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद सरकार ने 2,000 रुपये के नोट छापे। अब सरकार शिकायत कर रही है कि 2,000 रुपये के नोट की जमाखोरी हो रही हैं। हमें हमेशा से यह पता था कि 2,000 रुपये के नोट जमाखोरों की मदद करने के लिए ही छापे गए हैं!" आगे पढ़ें

 

4. 19 करोड़ लोगों का खाता नहीं - नोटबंदी के बाद से सरकार का पूरा जोर है कि इकोनॉमी में डि‍जि‍टलाइजेशन बढ़े, मगर मोदी के इस सपने को पलीता लगा रहे हैं आकंड़े। वर्ल्‍ड बैंक की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, भारत में अभी 19 करोड़ लोगों के पास बैंक अकाउंट ही नहीं है। रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, पूरी दुनि‍या में कुल 1.7 अरब लोग बैंक सेवाओं से वंचि‍त हैं। ज्‍यादातर वि‍कासशील देशों में ऐसा होता है। सरकार चाहती है कि देश का हर नागरि‍क फाइनेंशि‍यल सिस्‍टम से जुड़े ताकि सरकार के लि‍ए उसतक सुवि‍धाएं पहुंचाना व उसकी पात्रता की पहचान करना आसान हो जाए।  आगे पढ़ें


5. एक्‍सपोर्ट गि‍रा - पीएनबी घोटाले के बाद सरकार की ओर से बरती जा रही सख्‍ती का असर कारोबार पर पड़ रहा है। आरबीआई की ओर से गारंटी पत्रों पर रोक लगाने का असर निर्यात पर पड़ा है। मार्च महीने में ही अपैरल का निर्यात 19 फीसदी घट गया। वहीं रेडीमेड कपड़ों के एक्‍सपोर्ट में 0.6 फीसदी की गि‍रावट दर्ज की गई है। एक्‍सपोर्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडि‍यन एक्‍सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस ने इस सि‍लसि‍ले में आरबीआई और फाइनेंस मि‍नि‍स्‍टरी को पत्र भी लि‍खा है।  

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