दुनिया की नजरों से दूर देश के खूबसूरत आईलैंड पर अब ले सकेंगे विदेशी मजा

अक्सर आईलैंड पर टूरिज्म का मजा लेने के लिए लोग विदेश चले जाते हैं। लेकिन जल्द ही भारत में ही आप विदेश का मजा ले पाएंगे। नीति आयोग की पहल पर दुनिया की नजरों से दूर देश के 100 से अधिक खूबसूरत आईलैंड पर टूरिज्म की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिलहाल 10 आईलैंड का चयन किया गया है

money bhaskar

Sep 29,2018 08:04:00 PM IST

नई दिल्ली।

अक्सर आईलैंड (island) पर टूरिज्म का मजा लेने के लिए लोग विदेश चले जाते हैं। लेकिन जल्द ही भारत में ही आप विदेश का मजा ले पाएंगे। नीति आयोग की पहल पर दुनिया की नजरों से दूर देश के 100 से अधिक खूबसूरत आईलैंड पर टूरिज्म (tourism) की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिलहाल 10 आईलैंड का चयन किया गया है जहां पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टूरिज्म सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस काम के लिए नीति आयोग ने टूरिज्म मंत्रालय की सलाह पर ड्राफ्ट पेपर जारी किया है। ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक आईलैंड पर टूरिस्ट प्लेट विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इन प्राइवेट कंपनियों को रियायती जमीन दी जाएगी जो निर्माण से लेकर उसे संचालित करने का काम करेंगी। इन्हें 66 साल तक के लिए लीज पर सुविधाएं मिल सकती हैं। नीति आयोग की तरफ से 100 से अधिक ऑफ-शोर आईलैंड की पहचान की गई है। फिलहाल 10 आईलैंड पर काम शुरू किया जाने का फैसला किया गया है।

इन आईलैंड पर पहले शुरू होगा टूरिज्म

नीति आयोग सूत्रों के मुताबिक फिलहाल अंडमान निकोबार एवं लक्षद्वीप आईलैंड के कुछ खूबसूरत समुद्र तटों का चयन किया गया है। इनमें अंडमान निकोबार के स्मिथ, एवस, लांग, नील एवं लीटिल अंडमान शामिल है। लक्षद्वीप के कदमत, सुहेली व मिनीकॉय समुद्र तट का चयन किया गया है। सरकार की तरफ से आईलैंड के इन इलाकों का विस्तृत सर्वे भी करा लिया गया हैं। इस बात का भी सर्वे कराया जा चुका है कि इन टूरिस्ट प्लेस पर कितने लोग आ पाएंगे और इन्हें बसाने की प्रक्रिया क्या होगी। अब तक दुनिया की नजरों से दूर इन आईलैंड पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर डिजिटल कनेक्टिविटी, ग्रीन एनर्जी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

आगे पढ़ें : समंदर तट पर लें सकेंगे मजे
समंदर तट पर इन चीजों का ले सकेंगे मजा योजना के मुताबिक टूरिस्ट के लिए इन आईलैंड के समंदर तट पर जेट स्काइंग, स्कूबा डाइविंग, स्नोरकेलिंग, गेम फिशिंग, कायाकिंग, वाटर सर्फिंग व पारा ग्लाइडिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। टूरिस्ट के ठहरने के लिए रिजॉर्ट बनाए जाएंगे। नीति आयोग के मुताबिक बीच बेड वाच टावर्स जैसी चीजें विकसित की जाएंगी। इस काम में टूरिज्म मंत्रालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आगे पढ़ें : नीति आयोग ने बनाई योजना विश्व स्तरीय टूरिस्ट प्लेस के रूप में इन जगहों को विकसित करने के लिए नीति आयोग विस्तृत योजना बनाई है। नीति आयोग ने सभी स्टेकहोल्डर्स से 17 अक्टूबर तक अपने विचार रखने के लिए कहा है। इन स्टेकहोल्डर्स से 23 अक्टूबर को विचार-विमर्श करने के बाद इस ड्राफ्ट को फाइनल कर दिया जाएगा। इसके बाद टूरिज्म स्पॉट डेवलप करने के लिए टेंडर जारी होगा। ये सभी टूरिस्ट स्पॉट पर्यावरण के अनुकूल (इको फ्रेंडली) विकसित होंगे। आगे पढ़ें : नीति आयोग ने बनाई योजनानीति आयोग ने बनाई योजना विश्व स्तरीय टूरिस्ट प्लेस के रूप में इन जगहों को विकसित करने के लिए नीति आयोग विस्तृत योजना बनाई है। नीति आयोग ने सभी स्टेकहोल्डर्स से 17 अक्टूबर तक अपने विचार रखने के लिए कहा है। इन स्टेकहोल्डर्स से 23 अक्टूबर को विचार-विमर्श करने के बाद इस ड्राफ्ट को फाइनल कर दिया जाएगा। इसके बाद टूरिज्म स्पॉट डेवलप करने के लिए टेंडर जारी होगा। ये सभी टूरिस्ट स्पॉट पर्यावरण के अनुकूल (इको फ्रेंडली) विकसित होंगे।
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