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बेरोजगारों और किसानों को हर माह मिलेगी फिक्स्ड सैलरी, अंतरिम बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान

मोदी सरकार ने यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम को लेकर विभिन्न मंत्रालयों से मांगे प्रस्ताव

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नई दिल्ली. देशभर के लोगों को मोदी सरकार जल्द ही यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) स्कीम का बड़ा तोहफा दे सकती है। इस स्कीम के तहत देश के हर नागरिक के खाते में एक निश्चित रकम डाली जाएगी। इससे उन्हें बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी आगामी 27 दिसंबर को स्कीम का प्रेजेंटेशन देख सकते हैं। अगर सब ठीक रहा, तो वित्त मंत्री अरुण जेटली फरवरी 2019 के अंतरिम बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम का ऐलान कर सकते हैं।

 

सभी मंत्रालयों से मांगे गए हैं सुझाव

इसमें इस स्कीम को कैसे लागू किया जाए और क्या इसे सिर्फ किसानों के लिए लागू किया जाए या फिर सभी को इसके दायरे में लाया जाए। इस बारे में विभिन्न मंत्रालयों से राय मांगी गई है। साथ ही स्कीम के तहत न्यूनतम इनकम क्या हो इस पर भी सुझाव मांगे गए हैं। इस मामले में सरकार एक पैनल भी गठित कर सकती है। 


क्या है यूनिवर्सल बेसिक स्कीम
'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' स्कीम के तहत सरकार देश के हर नागरिक को बिना शर्त एक तय रकम देती है। इसमें कुछ खास तबकों जैसे गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों और किसानों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसमें देश के 20 करोड़ लोगों को इस स्कीम में शामिल किया जा सकता है। मोदी सरकार इस स्कीम पर दो साल से काम कर रही है। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रहे अरविंद सुब्रमण्यन ने 29 जनवरी 2018 को कहा था कि अगले सालों में 1 और 2 राज्यों में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) की शुरुआत हो सकती है। सुब्रमण्यन ने 2016-17 के आर्थिक सर्वे में यह सिफारिश की थी। 

कहां से आया यूनिवर्सल बेसिक इनकम का विचार
'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' स्कीम का कॉन्सेप्ट लंदन यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर गाय स्टैंडिंग ने दिया था, जबकि कुछ खास तबकों के लागू की जाने वाली इस स्कीम को 'पार्शल बेसिक इनकम' कहते हैं। इसे साल 1967 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने गारंटीड इनकम का आइडिया दिया था, जिससे कि आय की असमानता कम हो सके। मध्य प्रदेश में साल 2010 से 2016 तक चले पायलट प्रॉजेक्ट में काफी सकारात्मक नतीजे आए थे। इंदौर के 8 गांवों की 6,000 की आबादी के बीच पुरुषों और महिलाओं को 500 और बच्चों को हर महीने 150 रुपये दिए गए। 

 

 

तेलंगाना और झारखंड में इसी तरह की योजना है लागू

तेलंगाना और झारखंड में यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के समान एक स्कीम लागू है। इसमें तेलंगाना सरकार किसानों का कर्ज माफ न करके उनको फसल बोने से पहले 4,000 रुपए की मदद करती है। किसान दो फसल बोएगा, तो उसे साल में 8,000 रुपए की सरकारी हेल्प मिल जाती है। तेलंगाना सरकार किसानों को फ्री में बिजली भी देती है. झारखंड सरकार ने भी हाल में इसी तरह की योजना लॉन्च की है। इन दोनों सूबों की इन स्कीमों को काफी सराहा जा रहा है। 


दुनिया में कहां लागू है यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम
विश्व के कई देश अलग-अलग स्तर पर अपने नागरिकों को ये सुविधा दे रहे हैं. इनमें साइप्रस, फ्रांस, अमेरिका के कई राज्य, ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, आयरलैंड, लग्जमबर्ग जैस देश शामिल हैं। 

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