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Home » Economy » PolicyMayawati Has To Reimburse Money Spent On Elephant Statues, says SC

SC ने मायावती से मांगे 6000 करोड़ रुपए, कहा- हाथियों और अपनी मूर्तियों पर खर्च पैसे लौटाए

इस मूर्तियों में हाथियों और खुद मायावती की मूर्तियां भी शामिल है

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि BSP सुप्रीमो मायावती ने अपनी और हाथियों की मूर्तियां बनाने में जितना जनता का पैसा खर्च किया है, उसे वापस करना चाहिएसुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को कहा कि उसके संभावित विचार में लखनऊ और नोएडा में अपनी तथा बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां (Statues) बनवाने पर खर्च किया गया सारा सरकारी धन लौटाना होगा

2009 में दायर रविकांत और अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई

कोर्ट एक वकील की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया था कि सार्वजनिक धन का प्रयोग अपनी मूर्तियां बनवाने और राजनीतिक दल का प्रचार करने के लिए नहीं किया जा सकता। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे थेइस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगीसुप्रीम कोर्ट ने 2009 में दायर रविकांत और अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मायावती को मूर्तियों पर खर्च सभी पैसों को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए

 

 

 

खर्च हुए थे करीब 6000 करोड़ रुपए

उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के दौरान लखनऊ विकास प्राधिरकरण (LDA) के रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि लखनऊ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बनाए गए पार्कों पर कुल 5,919 करोड़ रुपए खर्च किए गए थेरिपोर्ट के अनुसार, नोएडा स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर BSP के चुनाव चिन्ह हाथी की पत्थर की 30 मूर्तियां जबकि कांसे की 22 प्रतिमाएं लगवाई गईं थीइसमें 685 करोड़ का खर्च आया था इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन पार्कों और मूर्तियों के रखरखाव के लिए 5,634 कर्मचारी बहाल किए गए थे

 

 

2012 में अखिलेश यादव ने इश् मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था

गौरतलब है कि 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। तब अखिलेश ने मायावती पर 40 हजार करोड़ के मूर्ति घोटाले का आरोप लगाया था

 

 

 

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