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CM बनने के बाद भी अपने छोटे से घर में रहते थे मनोहर पर्रिकर, किसी SUV में नहीं बल्कि पुरानी Innova में चलते थे, ऐसा था सादगीभरा जीवन 

रविवार देर शाम को पणजी स्थित अपने बेटे के घर में उन्होंने आखरी सांस ली

The Simple And Humble Minister That Manohar Parrikar Was

Manohar parrikar led a simple life with utmost dedication to his work: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार शाम निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे और पिछले एक साल से पैंक्रिअटिक कैंसर से जूझ रहे थे। मनोहर पर्रिकर का जीवन बेहद सादगीपूर्ण था। मुख्यमंत्री होते हुए भी वो किसी आम इंसान की तरह ही रहते थे। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी उन्होंने अपना घर नहीं छोड़ा। यहां तक कि किसी SUV  गाड़ी से चलने की बजाय वे उसी पुरानी Innova कार से चलते रहे जो उन्हें  विपक्ष का नेता बनने पर मिली थी।

नई दिल्ली
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार शाम निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे और पिछले एक साल से पैंक्रिअटिक कैंसर से जूझ रहे थे। मनोहर पर्रिकर का जीवन बेहद सादगीपूर्ण था। मुख्यमंत्री होते हुए भी वो किसी आम इंसान की तरह ही रहते थे। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी उन्होंने अपना घर नहीं छोड़ा। यहां तक कि किसी SUV  गाड़ी से चलने की बजाय वे उसी पुरानी Innova कार से चलते रहे जो उन्हें  विपक्ष का नेता बनने पर मिली थी।

 

हमेशा नज़र आते थे ट्रेडमार्क स्टाइल में 


मनोहर पर्रिकर ऐशोआराम की ज़िन्दगी से कोसों दूर थे। न तो वे महंगे सूट-बूट पहनते थे और न ही किसी तरह के दिखावे में यकीन करते थे। हाफ स्लीव शर्ट, ट्राउज़र और सादा फुटवियर उनका ट्रेडमार्क स्टाइल था।  चाहे कोई मीटिंग हो या अपने बेटे की शादी, वे हमेशा ऐसे ही नज़र आते थे।

 

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने वाला नेता 


पर्रिकर ने अपने मंत्रिपद का कभी लाभ नहीं उठाया। वे हमेशा कम खर्च में गुजारा करते रहे। उन्हें स्कूटी वाले नेता के नाम से भी जाना जाता था, क्योंकि वे अक्सर गोवा की सड़कों पर स्कूटी चलाते नज़र आ जाते थे। वे ऐसे नेता थे जिसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने में कोई गुरेज नहीं होता था। बल्कि वे तो रिक्शा और अन्य सार्वजनिक परिवहन में सफर करने के लिए प्रसिद्ध थे। हवाईजहाज में भी वे बिज़नेस क्लास नहीं बल्कि इकॉनोमी क्लास में सफर करते थे। 
 

अपने पैसों से भरते थे मोबाइल बिल 


जहां अधिकतर नेता सरकार के पैसों पर ऐश करते हैं, वहीं मनोहर पर्रिकर अपने पर्सनल मोबाइल का बिल तक सरकारी पैसों से नहीं भरते थे। वे अपने सारे खर्चों को अपनी खुद की जेब से पूरा करते थे।


भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने वाले 


मनोहर पर्रिकर का नाम देश के गिने-चुने ईमानदार नेताओं में शामिल है। वे भ्रष्टाचार और अवैध कामों के प्रति बेहद सख्त थे। उन्होंने गोवा से भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए ऐसे कई ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स, पंचायत सचिवों और निचले दर्जे के अधिकारियों को पदों से हटा दिया,जो करप्शन में लिप्त पाए गए। 

 

“Goa’s Mr. Clean”


उन्हें गोवा के Mr. Clean का टाइटल दिया गया जब उन्होंने राज्य के अवैध खनन रैकेट को पूरी तरह ख़त्म कर दिया।  इसके लिए उन्होंने कई व्यापारियों के लाइसेंस रद्द और खारिज किए थे।  

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