विज्ञापन
Home » Economy » PolicyManmohan Govt Did Not Approve Mission Shakti: Jaitley

जिस मिशन ने भारत को बनाया अंतरिक्ष महाशक्ति, उसे अनुमति और धन देने से मनमोहन सरकार ने कर दिया था मना - जेटली

युद्ध को टालने की ताकत के लिहाज से महत्वपूर्ण

Manmohan Govt Did Not Approve Mission Shakti: Jaitley

Manmohan Govt Did Not Approve Mission Shakti: Jaitley: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंतरिक्ष में दुश्मन के उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल करने वाले ‘मिशन शक्ति’ को कांग्रेस द्वारा पुराना कार्यक्रम बताए जाने पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने 2012-13 में इसके लिए अनुमति एवं धन देने से इन्कार कर दिया था।

नई दिल्ली.

बुधवार को भारत ने अपने नाम एक नई उपलब्धि जोड़ी। भारत एंटी-सैटालाइट मिसाइल प्रणाली की क्षमता वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि के बाद इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंतरिक्ष में दुश्मन के उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल करने वाले ‘मिशन शक्ति’ को कांग्रेस द्वारा पुराना कार्यक्रम बताए जाने पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने 2012-13 में इसके लिए अनुमति एवं धन देने से इन्कार कर दिया था।

 

मनमोहन सरकार ने नहीं दी थी अनुमति

जेटली ने इसके लिए वैज्ञानिकों का बधाई दी और कहा कि बहुत समय पहले से हमारे वैज्ञानिकों की इच्छा रही थी कि भारत इस दिशा में आगे बढ़े। उनका कहना है कि हमारे पास क्षमता थी लेकिन सरकार हमें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देती थी। उन्होंने 21 अप्रैल 2012 में एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अग्नि-5 का परीक्षण हुआ था, उस समय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख डॉ. वी के सारस्वत ने कहा था कि उनके पास उपग्रहों को भेदने की क्षमता है लेकिन सरकार उन्हें इसके परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दे रही है।

 

युद्ध को टालने की ताकत के लिहाज से महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दी और आज यह संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। इस क्षमता से अन्य देशों को भी इस क्षेत्र में शांति बनाये रखने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह क्षमता युद्ध को टालने की ताकत के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। जेटली ने कहा कि भारत का एकमात्र उद्देश्य विश्व शांति के साथ अपनी रक्षा करना है।

 

मिशन पूरी तरह से भारतीय है

जेटली ने कहा कि भारत के लिए यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि यह मिशन पूरी तरह से भारतीय है। इसकी हर चीज का निर्माण एवं शोध देश में ही हुआ है। उन्होंने कहा कि पुराने युद्ध जैसे होते थे और जो भविष्य के जो युद्ध होंगे वो एकदम अलग होंगे। पारंपरिक सेना, वायुसेना के युद्ध के आगे साइबर और अब अंतरिक्ष युद्ध के आयाम जुड़ गये हैं। अब हमारी तैयारी ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है और इस लिहाज से आज की उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण है।

 

इसके माध्यम से हमारी क्षमता बढ़ी है

उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और आज की उपलब्धि किसी भी देश के खिलाफ नहीं है। हमने किसी आक्रमण के लिए इसे विकसित नहीं किया है। इसके माध्यम से हमारी क्षमता बढ़ी है। इस भूराजनीतिक परिस्थितियों में अपनी रक्षा करने की पूरी ताकत हमारे पास हो गई है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन