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सोना खरीदना हो या बेचना जरा रुक जाएं, बड़ा बदलाव होने वाला है

अगर सोने की खरीदारी करने का प्‍लान है तो बेहतर है कुछ दि‍न ठहर जाएं।

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नई दि‍ल्‍ली। अगर सोने की खरीदारी करने का प्‍लान है तो बेहतर है कुछ दि‍न ठहर जाएं। सोने के आभूषणों की खरीद का नि‍यम बदलने की बात चल रही है और काफी हद तक यह मुमकि‍न है कि आने वाले कुछ ही दि‍नों में नया नि‍यम सामने आ जाए। इसका ज्‍वैलरी इंडस्‍ट्री पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है। हालांकि‍ ग्राहकों को इसका ज्‍यादा फायदा होगा। नए फाइनेंशि‍यल ईयर को शुरू होने में अब कुछ ही दि‍न बाकी है। ऐसे में उम्‍मीद लगाई जा रही है कि जल्‍द ही सरकार नए नि‍यमों को नोटि‍फाई कर देगी, जोकि बनकर तैयार हो गए हैं। ब्‍यूरो ऑफ इंडि‍यन स्‍टैंडर्ड ने संशोधि‍त बीआईएस एक्‍ट के तहत नए नि‍यमों को कानून मंत्रालय के पास भेजा था, जहां से इसके क्‍लि‍यर होने की खबर है। अब ये मामला उपभोक्‍ता मंत्रालय के पास है।  आगे पढ़ें- बड़ा बदलाव होगा  

अनि‍वार्य होगी हॉल मार्किंग 
नए नि‍यमों के तहत अब सोने के हर जेवर की हॉल मार्किंग होना अनि‍वार्य होगा। इसके लि‍ए ज्‍वैलर्स को लाइसेंस  लेना होगा। सूत्रों के मुताबि‍क, बि‍ना हॉलमार्क वाले जेवरों को नि‍कालने के लि‍ए 6 माह का समय दि‍या जाएगा। वैसे नीति‍ आयोग ने भी ज्‍वैलरी की हॉलमार्किंग करने की सि‍फारि‍श की थी। कंज्‍यूमर अफेसर्य मिनि‍स्‍टर राम वि‍लास पासवान कई मौकों पर ये कह चुक हैं कि‍ गहनों पर हॉलमार्किंग के नि‍यम को जल्‍द लागू कि‍या जाएगा। नि‍यमों के मुताबि‍क, सोने की तीन कैटेगरी होती है 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट, इसी के आधार पर उनकी हॉलमार्किंग होगी।  आगे पढ़ें कि‍स तरह से होगा ये काम 

 

हॉल मार्किंग सेंटर करेंगे काम 
नीति‍ आयोग ने फाइनेंस मि‍नि‍स्‍टरी को पि‍छले महीने जो रि‍पोर्ट दी थी उसमें इस बात की सि‍फारि‍श की गई थी कि आभूषणों पर हॉल मार्क को अनि‍वार्य कि‍या जाए और इसके लि‍ए एक सि‍स्‍टम तैयार कि‍या जाए। मीडि‍या रिपोर्ट के मुताबि‍क, अभी देश में 566 हॉल मार्किंग सेंटर हैं और वह अपनी क्षमता के 20 फीसदी पर ही काम कर रहे हैं। इसलि‍ए बहुत उनके पास काम बढ़ाने को बहुत स्‍कोप है। इसके अलावा हॉल मार्क सेंटर खोलने के लि‍ए 100 आवेदन भी आ चुके हैं। अभी तकरीबन 25 हजार सुनारों ने हॉल मार्किंग के लि‍ए लाइसेंस लि‍या है। 

 

ग्राहक का होगा फायदा
देश में 4 लाख से ज्यादा ज्वेलर हैं, पर सिर्फ 21692 आभूषण विक्रेताओं ने अभी तक हॉलमार्किंग का लाइसेंस लिया हुआ है। फिलहाल, हालमार्किग लेना वैकल्पिक है। इसके लाइसेंस की फीस इसकी फीस 25 हजार रुपए है। हॉलमार्किंग नहीं होने से नकली सोने की बिक्री भी होती है। यह ज्वेलर्स और ग्राहक दोनों के लिए अच्छा है। इससे ग्राहक को शुद्ध सोना मिलेगा।

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