जानिए देश के सबसे अच्छे संसदीय क्षेत्र के बारे में, विकसित देशों को देता है मात 

केरल का पतनमतिट्टा संसदीय क्षेत्र। दूसरे संसदीय क्षेत्रों में जहां, प्रदूषण, गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई समस्याएं हैं तो यहां इनका नामोनिशान नहीं है। विकसित देशों को यह टक्कर देता है। यहां की हवा इतनी साफ है कि बीमार पड़ने की नौबत ही न आए। एक बार आप यहां आए तो फिर जाने की इच्छा ही न हो। जानिए इस संसदीय क्षेत्र की वो बातें जो हमारे यहां लागू हो जाए तो देश को विकसित बनते देर नहीं लगेगी। 

 

money bhaskar

Mar 28,2019 12:22:00 PM IST

नई दिल्ली. केरल का पतनमतिट्टा संसदीय क्षेत्र। दूसरे संसदीय क्षेत्रों में जहां, प्रदूषण, गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई समस्याएं हैं तो यहां इनका नामोनिशान नहीं है। विकसित देशों को यह टक्कर देता है। यहां की हवा इतनी साफ है कि बीमार पड़ने की नौबत ही न आए। एक बार आप यहां आए तो फिर जाने की इच्छा ही न हो। जानिए इस संसदीय क्षेत्र की वो बातें जो हमारे यहां लागू हो जाए तो देश को विकसित बनते देर नहीं लगेगी।

सांसदों को बना सकते हैं ज्यादा जवाबदेह

हाल के दिनों में सबरीमाला मुद्दे को लेकर यह सुर्खियों में रहा, लेकिन केंद्रीय त्रावणकोर स्थित इस क्षेत्र की हवा देश के 123 अहम शहरों के मुकाबले सबसे साफ साबित हुई है। इस क्षेत्र का मानव विकास सूचकांक खासकर बच्चों के स्वास्थ्य के मामले में विकसित देशों से मुकाबला करता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और टाटा ट्रस्ट के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट के अनुसार, पतनमतिट्टा बच्चों के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ स्थानों में से एक है। इस रिपोर्ट के जरिये पहली बार जिलों की बजाय संसदीय क्षेत्रों के आधार पर विकास सूची बनाने का प्रयास किया गया है ताकि सांसदों के उनके क्षेत्र के लिए अधिक जवाबदेह बनाया जा सके।

बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली

पतनमतिट्टा की स्वास्थ्य-सेवा को देखकर पता चलता है कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जैसे अर्थशास्त्री स्वास्थ्य देखभाल के लिए केरल मॉडल अपनाने की सलाह क्यों देते रहे हैं। यहां अस्पताल की इमारतें किसी सुंदर घर की तरह हैं। कमरे साफ हैं और उनकी दीवारे कलाकृतियों से सजी हैं। इनके अहातों में आगे की ओर एक छोटा लॉन है। दो साल पहले केरल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिवार स्वास्थ्य केंद्र अर्थात प्राथमिक स्तर के स्वास्थ्य-सेवा वितरण केंद्र बना दिए गए। तब से ये केंद्र सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक खुले रहते हैं जो पहले अपराह्न एक बजे तक ही खुले रहते थे। हर हफ्ते खास-खास दिन को स्थानीय जरूरत के मुताबिक विशेष क्लीनिक सुविधा उपलब्ध है। मसलन सोमवार को गर्भवती महिलाओं के लिए, शुक्रवार को अवसाद पीड़ितों के लिए और शनिवार को किशोरों की समस्याओं के लिए सुविधा। सुबह में योग और शाम में बच्चों के लिए कराटे की कक्षाओं की सुविधा भी है।

इन केंद्रों पर दवाओं से लेकर टेस्ट सब कुछ मुफ्त

इन केंद्रों में ज्यादातर गरीब लोग आते हैं। यहां लैब टेस्ट और दवाएं मुफ्त हैं। परामर्श भी मुफ्त है, इसके लिए सिर्फ पांच रुपये का एक ‘आउटपेशेंट टिकट’ लेना पड़ता है। इसमें भी 18 वर्ष से कम आयु के लोगों और अन्य कमजोर समूहों के लिए अधिक सब्सिडी दी गई है। केंद्र में बिजली सौर पैनल से आती है। ज्यादा बिजली होने पर राज्य ऊर्जा बोर्ड को दे दी जाती है। यह व्यवस्था पूरे केरल में है लेकिन पतनमतिट्टा में इस स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे अच्छी चीज यह है कि यहां के स्वास्थ्य केंद्रों में शायद ही कोई मरीज दिखता है। निश्चित ही इसका श्रेय जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.