INX मीडिया केस: कार्ति चिदंबरम को दिल्‍ली HC से जमानत, 6.5 करोड़ घूस लेने का है आरोप

आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को जमानत दे दी। कार्ति को सीबीआई ने 28 फरवरी को यूके से लौटने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह सीबीआई रिमांड पर रहे। हाईकोर्ट ने 12 मार्च को कार्ति को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया था।

moneybhaskar

Mar 23,2018 04:36:00 PM IST

नई दिल्‍ली. आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को जमानत दे दी। कार्ति को सीबीआई ने 28 फरवरी को यूके से लौटने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह सीबीआई रिमांड पर रहे। हाईकोर्ट ने 12 मार्च को कार्ति को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई ने कहा था कि कार्ति चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सीबीआई ने कार्ति के खिलाफ यह केस 15 मई 2017 को दर्ज किया। उन पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, रिश्वत लेने और अफसरों को अपने प्रभाव में लेने का आरोप है।

जस्टिस एसपी गर्ग ने 10 रुपए के मुचलके पर जमानत देते हुए कहा कि कार्ति को देश से बाहर जाने के लिए सीबीआई से इजाजत लेनी होगी। कार्ति जमानत पर रहने के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कार्ति के वकील ने कोर्ट को बताया है कि उनका पासपोर्ट पहले से जांच एजेंसी के पास जमा है। बता दें, आईएनएक्स मामले में दर्ज एफआईआर में पी चिदंबरम का नाम नहीं है। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2007 की फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया में 4.62 करोड़ रुपए के फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी।

16 मार्च को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
कार्ति की जमानत को लेकर 16 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट में बहस हुई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने बहस के दौरान जमानत का विरोध किया था। सीबीआई का कहना था कि कार्ति पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ कर चुके हैं। उनको जमानत मिलने से जांच प्रभावित होगी। वहीं, कार्ति के वकील ने सीबीआई के आरोंपों को नकारा था और जमानत देने की अपील की थी।

क्या है INX मामला?
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर (6.5 करोड़ रुपए) की रिश्वत मिली। इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ। कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।

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