Home » Economy » PolicyKalka-Shimla Train Will Get A Glimpse Of Beautiful View During Journey.

अब इस ट्रेन में सफर के दौरान खूबसूरत वादियों का नजारा भी मिलेगा

96 किमी लंबे इस ट्रैक पर सफर के दौरान यात्री कर पाएंगे वादियों का दीदार

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नई दिल्ली।

शिमला के लिए आपका सफर अब सुहाना होने जा रहा है। वर्ल्ड हेरिटेज कालका-शिमला टॉय ट्रेन में आप सफर के साथ खूबसूरत वादियों का नजारा देख सकते हैं। कालका-शिमला ट्रेन सैलानियों के अनुभव को और बेहतर करने के लिए विस्टाडोम कोच जोड़ा गया है। इस कोच में पारदर्शी छत व खिड़कियां है। इस पारदर्शी कोच में बैठकर पर्यटक कालका से शिमला तक आने वाली वादियों को चारों ओर से निहार सकेंगे। 96 किमी लंबे इस ट्रैक पर सफर के दौरान यात्री वादियों के प्राकृतिक सौंदर्य को और नजदीक से देख सकेंगे। इस विशेष कोच को रेलगाड़ी में जोड़कर शिमला ट्रायल के लिए भेज गया था, जिसे ट्रायल पूरी होने के बाद हरी झंडी मिल गई है।

 

एक विस्टाडोम कोच की लागत 10 लाख है 

कालका-शिमला के ट्रेन की यह विस्टाडोम कोच पूरी तरह से वातानुकूलित है। छत में 12 एमएम के शीशे लगाए गए हैं। टाॅय ट्रेन के अंदर से खूबसूरत वादियों का दीदार कर पाएंगे। इस वातानुकूलित इन कोचों में लंबे शीशे की खिड़कियां और छत बनी है। पर्यटकों को ध्यान में रखकर सीटों के साथ हवाई जहाज की तरह यात्रियों के खाने के लिए ट्रे लगाए गए हैं। दरवाजों पर स्टील की रेलिंग को भी लगाया है। कोच के अंदर सुंदर दिखने वाली विनाईल फ्लोरिंग लगाई जा रही है। समय के साथ साथ तापमान दिखाने वाला यंत्र भी लगेगा। कोच के अंदर का इंटरियर डिजाईन भी बेहद आकर्षक है। यह कोच 36 सीटर है जिसका लुत्फ बुकिंग के आधार पर ही उठा सकेंगे। हम बता दें कि कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक एतिहासिक 115 साल पूरे किए हैं।

 

 

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103 सुरंगें हैं आकर्षण का केंद्र


कालका-शिमला रेलवे लाइन पर 103 सुरंगें सफर को और भी रोमांचक बनाती हैं। बडोग रेलवे स्टेशन पर 33 नंबर बड़ोग सुरंग सबसे लंबी है जिसकी लंबाई किमी है। पूरी लाइन पर 919 घुमाव हैं। कालका-शिमला रेलवे लाइन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने जुलाई 2008 में इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया था। इसे यूनेस्को द्वारा छह अगस्त 2003 को ही विश्व धरोहर में शामिल कर दिया था। 1143.61 मीटर लंबी यह सुरंग दुनिया की सबसे सीधी सुरंग है। 

 

 

 

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 9 नवंबर, 1903 को कालका से शिमला रेलमार्ग की शुरुआत हुई थी

 

विश्व धरोहर में शामिल ऐतिहासिक कालका-शिमला रेलवे मार्ग इस महीने 115 साल का हो गया है। 9 नवंबर, 1903 को कालका से शिमला रेलमार्ग की शुरुआत हुई थी। देश-विदेश के सैलानी शिमला आने के लिए इसी रेलमार्ग से टॉय ट्रेन में सफर का आनंद लेते हैं।

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