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बीमा कंपनियों को केरल में 1,000 करोड़ रुपए क्‍लेम की उम्‍मीद, मोटर, कृषि और प्रॉपर्टी को हुआ है नुकसान

बीमा कंपनियों को क्‍लेम का प्रॉसेस आसान बनाने का निर्देश

insurance companies expecting claim more than 1,000 crore

नई दिल्‍ली। बीमा कंपनियों को बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित केरल से 1,000 करोड़ रुपए से ज्‍यादा का क्‍लेम आने की उम्‍मीद है। यह क्‍लेम मोटर बीमा, फसल बीमा ओर प्रॉपर्टी इन्‍श्‍येोरेंस के सेगमेंट में आ सकता है। केरल में बाढ़ की वजह से निजी और कमर्शियल वाहन, कृषि और प्रॉपर्टी को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बीमा कंपनियों ने नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केरल की बाढ़ से बीमा कंपनियों को कितने अमाउंट का क्‍लेम आएगा इसका सटीक आकलन एक दो दिन में हो पाएगा। 

 

केरल से कम आता है इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम 

 

साधारण बीमा कंपनियों के हितों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले संगठन जनरल इन्‍श्‍योरेंस काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल एम चंद्रशेखरन ने moneybhaskar.com को बताया कि बीमा कंपनियों ने केरल में बाढ़ से नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया आज से शुरू की है। कितना नुकसान हुआ है इसका सटीक आकलन करने में कम से कम दो दिन का समय लगेगा। हालांकि केरल में बीमा कंपनियों को ज्‍यादा नुकसान होने की संभावना नहीं है। इसका कारण यह है कि केरल में इन्‍श्‍योरेंस का प्रसार कम है। लोगों ने प्रॉपर्टी इन्‍श्‍योरेंस कराया है लेकिन इसमें भी बाढ़ को शामिल नहीं किया गया है। केरल से बीमा कंपनियों को दूसरे राज्‍यों की तुलना में कम प्रीमियम मिलता है। 

 

बीमा कंपनियों को क्‍लेम का प्रॉसेस आसान बनाने का निर्देश 

 

चंद्रशेखरन ने बताया कि बीमा कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित लोगों के पेमेंट जल्‍द से जल्‍द करें। बीमा धारकों से क्‍लेम के लिए आवेदन करते समय ज्‍यादा डाक्‍युमेंट न मांगे। ऐसे में बाढ़ पीडि़तों को बीमा कंपनियों से जल्‍द क्‍लेम का पेमेंट मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीमा कंपनियों से बाढ़ प्रभावितों के क्‍लेम का निस्‍तारण जल्‍द से जल्‍द करने के निर्देश दिए हैं। 

 


केरल में बाढ़ की हिस्‍ट्री नहीं 

 

ओरिएंटल इन्‍श्‍योरेंस कंपनी लिमिटेड के रिटायर्ड डीजीएम एनके सिंह का कहना है कि केरल में बाढ़ की हिस्‍ट्री नहीं रही है। ऐसे में यह संभव है कि लोगों ने प्रॉपर्टी इन्‍श्‍योरेंस में बाढ़ ओर भूकंप  को शामिल न किया हो। अगर ऐसा है तो लोगों को क्‍लेम नहीं मिलेगा। एनके सिंह का कहना है कि केरल से मोटर इन्‍श्‍योरेंस और एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस में ज्‍यादा क्‍लेम आ सकता है। 

 

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