Home » Economy » PolicyThree lakh CSC VLEs to be engaged as HDFC Banking Correspondents

HDFC के साथ काम करने का मौका, 3 लाख CSC VLE को बनाएगा बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट

बैंक ने इलेक्‍ट्रोनिक्‍स व सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के तहत काम करने वाली कंपनी CSC SPV के साथ किया समझौता

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नई दिल्‍ली. अगर आप किसी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के विलेज लेवल एंटरप्रेन्‍योर्स (VLE) हैं तो आपके पास HDFC बैक का बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट बनने का मौका है। दरअसल गांवों में बैंकिंग सर्विसेज की पहुंच बढ़ाने के लिए HDFC बैंक ने देश के लगभग 3 लाख VLE को अपना बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट बनाने का फैसला किया है। इसके लिए बैंक ने इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स व सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के तहत काम करने वाली कंपनी CSC SPV के साथ एक समझौता भी किया है। इसकी घोषणा HDFC बैंक के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्‍टर आदित्‍य पुरी ने की है। 

देश के 3 लाख VLEs में से 2.10 लाख ग्राम पंचायत लेवल के हैं। समझौते के तहत CSC VLEs एचडीएफसी बैंक के बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट के तौर पर काम करते हुए फाइनेंशियल इन्‍क्‍लूजन को प्रमोट करेंगे। साथ ही ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सर्विसेज की पहुंच बढ़ाएंगे। देश यह पहल विभिन्‍न स्‍कीम्‍स की सब्सिडी का डायरेक्‍ट बेनिफिट ट्रान्‍सफर उपलब्‍ध हो सकने के सरकार के लक्ष्‍य में उल्‍लेखनीय योगदान देगी। इसलिए इस समझौते को एक गेम चेंजर के तौर पर देखा जा रहा है। 

 

 

क्‍या है CSC और क्‍या करते हैं VLE

नेशनल ई-गवर्नेंस प्‍लान के तहत सरकार सभी सरकारी सर्विसेज को लोगों तक सस्‍ती दर पर पहुंचाना चाहती है। इसी के तहत CSC स्‍कीम शुरू की गई है। CSC के जरिए देश के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वालों को बिल का पेमेंट जैसी यूटिलिटी सर्विसेज, सोशल वेलफेयर स्‍कीम, हेल्‍थकेयर, बैंकिंग व फाइनेंशियल, टेलिकॉम, एफएमसीजी प्रोडक्‍ट, एग्रीकल्‍चर, एजुकेशन से जुड़ी सर्विस, सभी तरह के प्रमाणपत्र, आवेदन पत्र आदि सर्विसेज उपलब्‍ध कराई जाती हैं। एक सीएससी से कई VLE जुड़े होते हैं। इनका काम गांवों और छोटे शहरों में लोगों को ये सारी सर्विस उपलब्‍ध कराने के साथ उ‍द्यमिता व रोजगार को बढ़ावा देना होता है। 


गांवों की महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्‍यांगों को विशेष तौर पर होगा फायदा

CSC VLEs के बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट बनने से गांवों में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्‍यांगों को विशेष तौर पर फायदा मिलने की उम्‍मीद है। इस पहल से मनरेगा जैसे सरकारी भुगतानों और विधवा पेंशन, दिव्‍यांग, वृद्धवस्‍था पेंशन आदि जैसी विभिन्‍न सोशल वेलफेयर स्‍कीम्‍स के तहत पेमेंट का विदड्रॉल और डिपॉजिट सुविधाजनक बन जाएगा। समझौते के तहत HDFC के बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट बि‍जनेस फैसिलिटेटर के तौर पर भी काम करेंगे। बि‍जनेस फैसिलिटेटर एक यूनीक सुविधा है, जिसे  HDFC CSC के जरिए आगे बढ़ाएगा। इस सुविधा से नागरिकों, विशेषकर मर्चेंट्स, यु‍वाओं, एंटरप्रेन्‍योर्स, किसानों और महिलाओं को बैंक से लोन लेने में मदद मिलेगी। 

 

आगे पढ़ें- समझौते की बाकी डिटेल

1000 गांवों को डिजी गांवों में भी तब्‍दील करेगा बैंक

इसके अलावा HDFC बैंक मौजूदा वित्‍त वर्ष में CSC SPV की 1000 आइडेंटिफाइड गांवों को डिजिटल गांवों (डिजी गांव) में तब्‍दील करने में भी मदद करेगा। CSC SPV इलेक्‍ट्रोनिक्‍स एवं आईटी मंत्रालय के आदेश के तहत डिजी गांव पहल पर काम कर रहा है। मंत्रालय का उद्देश्‍य है कि देश के दूर-दराज में बसे गांवों समेत हर गांव में लोग केन्‍द्र और राज्‍य सरकार की विभिन्‍न ऑनलाइन सर्विस का लाभ ले सकें। पायलट प्रोजेक्‍ट के तहत CSC SPV ने 6 गावं एडॉप्‍ट किए हैं। 

 

आगे पढ़ें- स्‍त्री स्‍वाभिमान पहल में भी देगा योगदान 

स्‍त्री स्‍वाभिमान सैनिटरी नैपकिन मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स को देगा फंड

HDFC बैंक महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता को बेहतर बनाने की दिशा में भी CSC SPV को सहयोग देगा। बैंक स्‍त्री स्‍वाभिमान सैनिटरी नैपकिन मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स की फंडिंग करेगा। स्‍त्री स्‍वाभिमान पहल के तहत CSC युवा और गांवों में रहने वाली महिलाओं को सस्‍ते और आसानी से उपलब्‍ध होने वाले सैनिटरी प्रोडक्‍ट्स मुहैया कराना चाहता है। अभी तक देश में 204 सैनिटरी पैड मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट ऑपरेशनल हैं। 

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